सुविचार 3197
दीपक को हम फूंककर बुझा सकते हैं, लेकिन अगरबत्ती को नहीं, क्योंकि जो महकता है उसे कोई नहीं बुझा सकता और जो जलता है, वह स्वयं ही बुझ जाता है.
_वो फूल खिल के रहेंगे, जो खिलने वाले हैं..
पर लोग कहते हैं कि बदल गया..
और जो मन से उतरते हैं उनसे संभल कर रहिए.
यदि मानव जाति का एक भी हिस्सा असफल रह जाए तो हम कभी सफल नहीं हो सकते.
कभी-कभी जीवन में कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो रहने के लिए नहीं होती हैं, कभी – कभी बदलाव वह नहीं हो सकता जो हम चाहते हैं, कभी-कभी बदलाव वही होता है जिसकी हमें जरूरत होती है.
एक वक्त ये है जब हकीकत पर भी शक है..