सुविचार 4817
हम खुद को समस्याओं को मूल्यांकन करके उसके निदान ढूंढने के बजाए,
उस समस्या में ही अपने आप को सदैव उलझाए रखते हैं…!!!
उस समस्या में ही अपने आप को सदैव उलझाए रखते हैं…!!!
जो कहते थे तुमसे कुछ नहीं हो पाएगा…!!
मैं हमेशा के लिए यहाँ नहीं रहने वाला….!!!
ख़बर नहीं कि समुंदर का फ़ैसला क्या है..
तुम सिर्फ कहते रहो, हम कर के दिखलाएँगे…!!!
अहंकार महा अंधकार में ले जाता है, इसलिए बहुत मजे की घटना इस जगत में घटती है कि ज्ञानी अपने को कहने लगते हैं कि हम अज्ञानी हैं, नहीं जानते. और अज्ञानी दावे करते चले जाते हैं कि हम जानते हैं, हम ज्ञानी हैं.
जिससे जिंदगी का कोई भी अंधेरा रोशन किया जा सकता है..