सुविचार 2845
क्योंकि जब वो बदलता है, तो उससे ज्यादा गुस्सा खुद पर आता है.
क्योंकि जब वो बदलता है, तो उससे ज्यादा गुस्सा खुद पर आता है.
लोग अपने किरदार में फ़रिश्ते हों जैसे.
इससे उलटा भी सही है, आप किसी को सुखी करके देखो, और आप पाओगे कि
सुख न मालूम कितने रूपों में आपके हृदय में भी गुंजरित हो उठा है.
फिक्र तो वो करें, जो बोलते कुछ हैं, करते कुछ हैं,
दिखते कुछ हैं और होते कुछ हैं.
उत्सव का कारण कभी भी और हर समय बनाया जा सकता है.
रब में दृढ़ विश्वास का अर्थ है निर्भयता, रब में भरोसा होने से व्यक्ति में साहस और निडरता आती है !!!
व्यक्ति ईमानदार और संतोषी हो जाता है एवम इससे सुख और शांति पैदा होती है !!!
बेहतरीन दिनों के लिए बुरे दिनों से लड़ना पड़ता है.
सुना है कम बोलने से बहुत मसले सुलझ जाते हैं.
तो जहां भी अकड़ा हुआ आदमी देखें, समझना कि नकली आदमी है.