सुविचार 2922
क्योंकि शक़ सदा सोने की शुद्धता पर किया जाता है कोयले की कालिख पर नहीं.
क्योंकि शक़ सदा सोने की शुद्धता पर किया जाता है कोयले की कालिख पर नहीं.
*मनुष्य तो जितना विनम्रता से झुकता है उतना ही ऊपर उठता है”…।*
_ भय, क्रोध व शोक चेहरे को विकृत बनाते हैं.
वह द्वार है समस्याओं की समझ.
फिर भी ना जाने क्यों अकेला सा मन है…!!
सृष्टि की सबसे लंबी दूरियाँ तय करता है..
लेकिन मात्र हमारे सही होने से सामने वाला ग़लत नहीं हो जाता… !!”
क्या यह मज़ेदार नहीं है कि कैसे दिन-ब-दिन कुछ नहीं बदलता, लेकिन जब आप पीछे मुड़कर देखते हैं, तो सब कुछ अलग होता है ?
हम भी तो अजनबी राहों से दिल लगा बैठे थे.
मैंने चुप रहके बाज़ी पलट दी.