सुविचार 4810
_ और आखरी दम तक लड़ने वाले के लिए रास्ते खत्म नहीं होते..
_ फूल बन कर मुस्कुराना जिन्दगी है.
_ जीत कर मुस्कुराये तो क्या बात है.
_ हार कर भी मुस्कुराना जिन्दगी है.!!
_ और आखरी दम तक लड़ने वाले के लिए रास्ते खत्म नहीं होते..
_ फूल बन कर मुस्कुराना जिन्दगी है.
_ जीत कर मुस्कुराये तो क्या बात है.
_ हार कर भी मुस्कुराना जिन्दगी है.!!
जिसमें खिले हैं फूल, वो डाली हरी रहे.
जैसा आपने चश्मा पहना है “
” जिन्दगी ” के ” समंदर ” में हमेशा ” तुफान ” नहीं रहते…!!
वे हमेशा कहते हैं कि समय चीजों को बदल देता है, लेकिन वास्तव में आपको उन्हें खुद बदलना होगा.
अच्छा लगता है, ” है जिंदगी तो अपने हैं “
तो कुछ पल सुकूँ से जी लेते हम भी…
ज़िंदगी भर ये तकरार किसके लिए।
जो भी आया है वो जायेगा एक दिन,
फिर ये इतना अहंकार किसके लिए॥