मस्त विचार 2532
हमेशा यही सोचो कैसे होगा.
हमेशा यही सोचो कैसे होगा.
आज वो फुर्सत में बैठकर सोचते हैं जीना कैसे है..!!
वरना इन आँखों से गिरने वाले आंसुओं का भी,
एक अलग ही समुन्दर होता.
..कम ही ऐसे क्षण होते हैं जब मैं इन पर अडिग रहता हूँ,
वास्तव में मैं अपने जीवन मे स्थिर नहीं हूँ,
कई दफ़ा मैंने कई ऐसे निर्णय लिए हैं जो उल्टे मुझ पर ही भारी पड़े हैं और मैं उसे ड्राप कर दिया हूँ, ख़ैर! यह जीवन है..।।
यह हमारी पसंद है, जो दिखाती है कि हम वास्तव में क्या हैं, हमारी क्षमताओं से कहीं ज्यादा.
अगर कहूँ के उदास हूँ मैं….
क्योंकि तभी वह सफलता का आनंद ले सकता है.
पर हम उस दर्द को समय के साथ साथ सहने के आदी हो जाते हैं.