इतना कुछ था दुनिया में लड़ने झगड़ने को, पर ऐसा मन मिला कि ज़रा से प्यार में डूबा रहा और जीवन बीत गया.
मस्त विचार 4668
कहना तो बहुत कुछ था तुमसे,
पर,
तुम सुनने के लायक ही नही रहे।।।
सुविचार 4793
वैसे तो खुशी को परिभाषित करना बहुत ही मुश्किल है, लेकिन हमारी खुशी हमारी सोच पर निर्भर करती है.
_ हम शिकायत कर सकते हैं कि गुलाब की झाड़ियों में कांटे होते हैं या खुश हो कर कह सकते है कि कांटों की झाड़ियों में गुलाब होते हैं.
_ हमें हमेशा सुखद और कर वंदनीय लगने वाली सोच के साथ चलते रहना चाहिए.
हम हमेशा एक दूसरे से शिकवे शिकायत करते हैं, ये सोचकर कि सामने वाले को हम अपना मानते हैं और सामने वाला समझता भी है,
_ फिर धीरे धीरे वो शिकवे शिकायत होने कम होते चले जाते हैं और वो एक दूसरे के दूर भी होने शुरू हो जाते,
_ इस बात का एहसास तब नहीं होता, उस वक्त जरूर होता है जब हम किसी को खो चुके होते हैं
_ फिर उस वक्त एहसास होता है कि वो शिकायतें तो सही थी, बस हम ही खुद को न बदल पाए और न सामने वाले को समझ पाए।
_ जब इंसान व्यस्त होता है तो बहुत सी चीजों को इग्नोर करता है तो बहुत सी चीजों से दूर भागता है,
_ लेकिन जब वो अकेला होता है बिल्कुल समुद्र के शांत जल की तरह तो उसके अंदर एक उथल पुथल आ जरूर होता है ज्वालामुखी की तरह, जो उसके अंदर उबल रहा होता है।
_ बस अफसोस उस वक्त हालात ऐसे हो जाते हैं कि सुनने वाला ही कोई नहीं होता…
_ बस यही जिंदगी है, हर किसी को एक दूसरे से शिकायतें हैं, कोई कहने वाला है तो कोई चुपचाप सुनने वाला।
_ बस एक दूसरे को समझने वाले कम हो गए हैं….
— हेसाम
अपने रास्ते में आने वाले कांटे खुद हटाने पड़ते हैं.
_ काश कि कोई काँटे हटाने वाला भी होता.
_अब तो काँटे बिछाने वाले मिल जाते हैं, लेकिन हटाने वाला इक्का दुक्का ही है.!!
– Tejbeer Singh Sadher
मस्त विचार 4667
आसमां पे ठिकाने किसी के नहीं होते,
जो जमीं के नहीं होते वो कहीं के नहीं होते.
सुविचार 4792
खराब शक्ल की अहमियत सफ़लता के बाद है… उसके पहले इसे तुच्छ समझा जाता है..!!!
Collection of Thought 1116
The way you are is not the result of what has happened to you, it’s the result of what you decide to keep inside you.
आप जैसे हैं, यह आपके साथ हुई घटना का परिणाम नहीं है, यह इस बात का परिणाम है कि आपने अपने अंदर क्या रखने का फैसला किया है.
मस्त विचार 4666
वो “ज़रूरी” थे ”ज़रूरत” नहीं,
हम ”ज़रूरत” थे ”ज़रूरी” नहीं..
सुविचार 4791
यह बिल्कुल मायने नहीं रखता कि आप कितने अच्छे हैं या बुरे हैं..
_ लोग अपनी आवश्यकता, सुविधा एवमं मनोदशा के आधार पर ही आपको आँकेंगे….!!!
सुविचार 4790
स्वयं पर यकीन और सही दिशा में सतत सटीक कर्म का कोई विकल्प नहीं है.
मस्त विचार 4665
मंजिल पाने के लिए हौसलें इतने बुलंद हैं कि
किसी के थोपे हुए नकारात्मक विचार भी अब मुझे प्रभावित नहीं करते…!!
पुराने रास्ते पर चलकर नई मंजिल नहीं मिलेगी..
_ असली कुछ भी जीवन में आएगा, अंदर तक तोड़ेगा ही.!!
_ असली कुछ भी जीवन में आएगा, अंदर तक तोड़ेगा ही.!!





