मस्त विचार 1966
जब तक गिरे न, कोई खड़ा नही होता.
ईमान की खाओ सदा, फल इसका सड़ा नही होता.
कर ले मेहनत सदा, खजाना गड़ा नही होता.
कर भरोसा स्वयं पर, हर राह में रोड़ा नही होता
ईमान की खाओ सदा, फल इसका सड़ा नही होता.
कर ले मेहनत सदा, खजाना गड़ा नही होता.
कर भरोसा स्वयं पर, हर राह में रोड़ा नही होता
जब वक्त बदलेगा तो हर तरफ होगा शोर मेरा.
किसी की आँख में हम को भी इंतजार दिखे.
_यूँ चुप से क्यूँ हो ..अजी कुछ तो बोलिए..
कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन हैं और आपके जीवन में क्या होता है, आपके पास अभी भी अपने जीवन को बदलने और महान बनने का मौका है.
सीढ़ियों को देखते रहना ही पर्याप्त नहीं है, उन पर चढ़ना भी जरुरी है.
…….बेहतरीन को खो देते हैं.
और सबसे महँगी उसे मोहब्बत ही पड़ती है !!