सुविचार 2029

जीवन का ‘आरंभ’ अपने रोने से होता है और जीवन का ‘अंत’ दूसरों के रोने से,

इस “आरंभ और अंत” के बीच का समय भरपूर हास्य भरा हो.

..बस यही सच्चा जीवन है.

मस्त विचार 1903

ज़िंदगी की हर चाह, यहाँ किसकी पूरी हुई है.

अनमोल है हर सांस, जो हमें रब ने दी हुई है.

पाकर खोने का अब, ग़म मत कर ए मेरे दोस्त,

किस्मत बुरी या भली, ये कर्मो ने लिखी हुयी है.

सुविचार 2028

जैसी संगत वैसी रंगत

मनुष्य जैसी संगति करता है, जैसे वातावरण और माहौल में रहता है, जैसे विचार करता है, जैसा जैसे विचार सुनता है वैसे ही संकल्प करने लगता है, वैसा ही आचरण करने लगता है और जैसा आचरण करता है, फिर वैसा ही उसका रूप और स्वभाव बन जाता है. जिन बातों का बार-बार विचार करता है, धीरे-धीरे वैसी ही इच्छा हो जाती है, फिर उसी के अनुसार वार्ता, आचरण, कर्म और गति होती है.

सुविचार 2027

जो लोग भरी थाली में लात मारते हैं,

उनको जीवन भर दूसरों की थाली की केवल झूठन ही मिलती है..

मस्त विचार 1902

सोचने से कहाँ मिलते हैं तमन्नाओं के शहर,

चलने की जिद्द भी जरुरी है मंजिलों को पाने के लिए..

Collection of Thought 576

Welcome every morning with a smile. Look on the new day as another special gift from your Creator, another golden opportunity.

हर सुबह मुस्कान के साथ स्वागत करें, _ नए दिन को अपने निर्माता की ओर से एक और विशेष उपहार के रूप में देखें, एक और सुनहरा अवसर.

मस्त विचार 1901

कौन कहता है की हम उसे जानते नही,

जो सारी कायनात का मालिक है.

ये तो वो जाने या मैं जानू,

जिसने महसूस किया, उसने ही उसे जाना है.

सुविचार 2026

अगर किसी के व्यवहार से सुख की अनुभूति नही होती,

तो वो नफरत का नही दया का पात्र होता है,

क्योंकि कोई भी समझदार इंसान कभी किसी को दुख नही दे सकता.

सुविचार 2025

कोई हमारा बुरा करना चाहता है तो यह उसके “कर्मों” में लिखा जाएगा,

हम क्यों किसी के बारे में बुरा सोच कर अपना “वक्त” और “कर्म” खराब करें..

मस्त विचार 1900

“छोटी सी लाइन लेकिन बड़ी बात”

जो दूसरों से उम्मीद नहीं रखते हैं,

उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं होती है.

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