सुविचार 2110
जब वह अपने भीतर बैठे स्वार्थ को पूरी तरह से समाप्त कर देता है.
जब वह अपने भीतर बैठे स्वार्थ को पूरी तरह से समाप्त कर देता है.
_ दूसरा प्रकार वे हैं जिन्होंने काम किया लेकिन सोचा नहीं..
छलकती, बिखरती खुशियों को अक्सर नज़र लग जाती है.
वक्त रहते अपने दिमाग़ पर काबू रखना सीख लो वरना अगर उसने आप पर काबू कर लिया तो आपको तकलीफ़ तो बहुत होगी.!!
जैसे वे हमसे फायदा उठाकर भी हम पर कोई अहसान कर रहें हों.
क्या आप जानना चाहते हैं कि आप कौन हैं ? मत पूछो, _ कार्य ! कार्रवाई आपको चित्रित और परिभाषित करेगी.
_ अगर अपने छल पर पछतावा होता है, तो अवश्य ही उसकी पुनरावृत्ति नहीं होगी.
_ यह प्रेरणा उम्र के साथ स्वतः ही उत्पन्न होती है, जो मनुष्य को अनुभवी बनाती है.
औरों की दिखती है पर अपनी नहीं.
Extraordinary tortures came for them, People who were extraordinary.