सुविचार 1921
जिसने शिष्टता और नम्रता नहीं सीखी _ उनका बहुत कुछ सीखना भी व्यर्थ है.
” कोशिश करने से ही ” सुंदर कल मिलता है “
जिन्दगी में अपनों का साथ न छूटे !
रिश्ते कोई भी हो उसे ऐसे निभाउ !
कि उस रिश्ते की डोर ज़िन्दगी भर न छूटे.
पुरुष उन बातों से परेशान नहीं होते जो घटित हुई हैं, _ लेकिन जो कुछ होता है उसके बारे में उनकी राय से..
“अनचाहा ” सुनने की ताकत होनी चाहिए.
“मैं” मिलने में सुख है.