सुविचार 1829
उन लोगों से दूर रहिए जो हमेशा आप की तारीफ़ करते रहते हैं,
क्योकि ऐसे लोग आप के गलत होने पर भी आप की चापलूसी करते हैं.
क्योकि ऐसे लोग आप के गलत होने पर भी आप की चापलूसी करते हैं.
आइए याद रखें: एक किताब, एक कलम, एक बच्चा और एक शिक्षक दुनिया को बदल सकते हैं.
उसी में सबसे ज्यादा ताकत होती है, हमें रुलाने की.
_ लेकिन बुद्धिमानों का काम तर्क – वितर्क में नहीं पड़ना है..
आप का चैतन्य स्वरूप विचारों के कारण धुंधला हो जाता है.
दूसरों को नियंत्रित करना बल है, लेकिन खुद को नियंत्रित करना वास्तविक आत्मबल है.
उनके मुकद्दर के पन्ने कभी कोरे नहीं हुआ करते.
_ खबर नहीं के ये ” आ रहे ” हैं या ” जा रहे ” हैं !!!