सुविचार 1811
बदलाव लाने के लिए स्वयं को बदले…
दरवाजे पर लिखा था थोड़ा झुक कर चलिये.
इसलिए मैंने तुम्हें सोचना बंद, और जीना शुरू कर दिया है.
जिसे अपनी ऊंचाई पर यकीन नहीं होता है.
जीवन को पूरी तरह से जिएं, और सकारात्मक पर ध्यान दें.
छोटी सी है जिन्दगी हँस के गुजार दो.
वे बाहर की दौड़ छोड़ देते हैं.