सुविचार 1782
एक हद के बाद इंसान, सब कुछ छोड़ देता है..
शिकायत करना, मिन्नतें करना, मनाना और फिर दिल ऐसा हो जाता है,
कि कोई बात करे तो ठीक, ना करें तो भी ठीक,
क्योंकि पता लग चुका होता है, कि दुनिया बहुत झूठी और मतलबी है.
शिकायत करना, मिन्नतें करना, मनाना और फिर दिल ऐसा हो जाता है,
कि कोई बात करे तो ठीक, ना करें तो भी ठीक,
क्योंकि पता लग चुका होता है, कि दुनिया बहुत झूठी और मतलबी है.
लेकिन ये कभी नहीं जान पाते की हमारे लिए कौन जी रहा है !!
आज के लिए जियो, कल के लिए नहीं, अभी के लिए जियो और यहाँ क्या है, उसके लिए जीना बंद करो जो शायद कभी न आए,,
रास्ते उनके ही आसान हुआ करते हैं,
ए नादान न घबरा इन परेशानियों से,
ये तो पल भर के मेहमान हुआ करते हैं..
कहीं धोखे में आँखें हैं और कहीं आँखों के धोखे हैं.