मस्त विचार 1561

घर में सोफासेट हो, डिनरसेट हो, टीवीसेट हो, मेकअपसेट हो,

पर माइन्डसेट ना हो, तो आप कहीं भी सेट नहीं हो सकते.

सुविचार 1684

कच्चा घर देखकर किसी से रिश्ता ना तोडें, क्योंकि मिट्टी की पकड़ हमेशा मजबूत होती है, जबकि संगमरमर पर अक्सर पैर फिसला करते हैं.

मस्त विचार 1560

तारीफ़ करने वाले बेशक आपको पहचानते होंगें,

मगर फ़िक्र करने वालों को आपको ही पहचानना होगा.

सुविचार 1683

समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये, किसी व्यक्ति का नहीं..क्योंकि अच्छा व्यक्ति भी गलत विचार रख सकता है और किसी बुरे व्यक्ति का भी कोई विचार सही हो सकता है. ‘मत’ भेद कभी भी ‘मन’ भेद नहीं बनने चाहिए.

Collection of Thought 509

A strong, positive self- image is the best possible preparation for success.
एक मजबूत, सकारात्मक आत्म – छवि सफलता के लिए सर्वोत्तम संभव तैयारी है.

सुविचार 1682

जीवन में आधा दुःखः गलत लोगों से उम्मीद रखने से आता है

और बाकी का आधा दुःख सच्चे लोगों पर शक करने से आता है.

सुविचार 1681

जब हम अकेले हों तब अपने विचारों को संभालें और जब सबके बीच हों तब अपने शब्दों को संभाले.

मस्त विचार – खूबसूरती क्या है – खूबसूरत – 1558

खूबसूरती क्या है….

खूबसूरत है वो लब… जिन पर, दूसरों के लिए कोई दुआ आ जाए !

खूबसूरत है वो दिल… जो किसी के दुख मे शामिल हो जाए !

खूबसूरत है वो जज़बात… जो दूसरो की भावनाओं को समझ जाए !

खूबसूरत है वो एहसास… जिस में, प्यार की मिठास हो जाए !

खूबसूरत है वो बातें जिनमें… शामिल हों दोस्ती और प्यार के किस्से कहानियाँ !

खूबसूरत हैं वो आँखे… जिनमे, किसी के खूबसूरत ख्वा़़ब समाँ जाए !

खूबसूरत है वो हाथ… जो किसी के लिए, मुश्किल के वक्त सहारा बन जाए !

खूबसूरत है वो सोच … जो दूसरों की भलाई के लिये सोची जाए !

खूबसूरत है वो दामन…. जो, अपनो के ग़मों को छुपा जाए !

खूबसूरत है वो आसूँ … जो, किसी और के ग़म में बह जाए !!!

_ खूबसूरत होना जरुरी नहीं, किसी के लिए होना खूबसूरत है !!

-“हम सभी अपने-अपने तरीके से खूबसूरत हैं.”

दुनिया खूबसूरत है, यदि आपके नज़र में आपकी दुनिया खूबसूरत है.!!
जीवन की यही तो खूबसूरती है, कर्मफल हमारे साथ चलता है.!!
यह दुनिया बहुत खूबसूरत है और यह जीवन बार-बार नहीं मिलता.

_ इसलिए जी लो, जब तक जीवन है.!!
ये भी जिन्दगी की खूबसूरती है..
_ जहाँ बेवकूफ बनने के बाद भी उन स्थितियों से निकल कर हम खुश होते हैं.!!
खूबसूरत कोई नहीं होता, _ व्यवहार, अपनापन, लगाव, हर स्थिति में साथ रहने की प्रवृत्ति इत्यादि व्यवहार को आंखें पसंद करती है.. और ये आंखें जिसे पसंद कर ले वही खूबसूरत लगने लगता है.!
हमारे जीवन में सबसे बुरी बात यह है कि जो कुछ हमारे पास है, वही चीजें दूसरों के पास भी हैं..
_ लेकिन हम उन चीजों के होते हुए भी दुखी हैं और दूसरी ओर, कुछ लोग उन्हीं चीजों से अपने पूरे जीवन को खूबसूरत और सुंदर बना रहे हैं.!!
खूबसूरत होना जरूरी नहीं, क्योंकि खूबसूरती तो वक्त के साथ बदल जाती है.

_ पर किसी के लिए जरूरी होना वो एहसास है जो दिल की गहराइयों में बस जाता है.
_ जब कोई आपको अपनी ज़रूरत समझने लगे, तो वहां चेहरा नहीं, भावनाएं मायने रखती हैं..
_ खूबसूरत तो वही है, जो किसी के दिल में अपनी जगह बना ले.!!
वो जिसमें शीतलता हो, रफ़्तार में कुछ पल आत्मिक ठहराव हो, वो जो सिर्फ लिखा हुआ पढ़े नहीं.. उसे समझे भी.. हमें सुने भी,

_ मन की खूबसूरती हो.. जिसमें, चीजों को समझने का कॉमनसेंस हो, गंभीरता हो, मैच्योरिटी दिखाई दे.. उसके काम में, – वही इंसान सबसे ज्यादा खूबसूरत होता है.
_ ताकि जब उम्र ढले तो भी उस इंसान की जिंदादिली बड़ी खूबसूरत लगे,
केवल आवाज़ अच्छी हो, शक्ल अच्छी हो, इंसान अच्छा ना हो, उसमें कॉमनसेंस ना हो, जीवन को जीने की कला ना हो तो…
_ ऐसी बाहरी खूबसूरती से आकर्षण ख़त्म हो जाता है और एक समय बाद वो इंसान नीरस हो जाता है..।
– रिदम राही
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