मस्त विचार 1535

।। मान-अभिमान ।।

रास्ते हो मुश्किल, तो भी तुम,

इरादा अपना पक्का रखना,

हाथ मे चाहे कुछ भी ना हो,

मुट्ठी हमेशा अपनी बन्द रखना।

अकेले में रो लेना जी भर कर, मगर,

सामने किसी के एक आँसु भी,

आँख से न गिरने देना।

आँसुओं के सैलाब में,

जी तो हल्का हो जायेगा, मगर

हौसलों को तुम्हारे, कमजोर कर जायेगा।

तुम शहंशाह हो अपने दम पर,

हर जज्बात पर अपनी,

पकड़ मजबूत बनाये रखना।

अपमान ना करना किसी का, मगर,

सम्मान अपना भी बनाये रखना।

क्या खूब कहा है किसी ने,

कोई हाथ ना मिलायेगा,

जो गले मिलोगे तपाक से।

रोज़ मिलोगे तो कोई ना पूछेगा,

थोड़ी सी, दूरी तुम जरूर ,बनाये रखना।

कुछ अपने हैं, कुछ अपनेपन के मुखोटे हैं,

इन मुखोटों पर तुम,

नज़र अपनी पैनी बनाये रखना।

थामे रखना हाथ जिंदगी का,

आखिरी साँस तक साथ बनाये रखना।

।।पीके।।

सुविचार 1658

एक बात जान लीजिए, दिमाग ही सब कुछ है, उससे आप जैसा सोचेंगे, वैसा ही बन जाएंगे.

इसलिए, हमेशा सकारात्मक सोचें.

सुविचार 1657

अगर किसी परिस्थिति के लिए आपके पास सही शब्द नहीं हैं तो सिर्फ मुस्कुरा दीजिये,

शब्द उलझा सकते हैं पर मुस्कुराहट हमेशा काम कर जाती है.

मस्त विचार 1534

मेरी हथेली भी तुम अपने पास रख लो…

दुआ मांगते वक्त इसे भी उठा देना…

खुशी मिले तो अपना हाथ आगे करना…

और गम मिले तो मेरा हाथ आगे बढा देना…

सुविचार 1656

“परेशानिया” चाहे जितनी हो, “चिंता” करने से और ज्यादा “खामोश” होने से बिलकुल “कम”

“सब्र” करने से “खत्म” हो जाती हैं, और मालिक का “शुक्र” करने से “खुशियों” मे बदल जाती है.

सुविचार 1655

कितनी ही गलतियाँ हम करने के बाद भी हम खुद को प्यार करते हैँ, पर दुसरोँ की एक गलती पर भी उसे नफरत करते हैँ, क्यूँ ? किसीसे नफरत करने से पहले सोचिए…..
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