मस्त विचार 4314
उन लम्हों का हिसाब नहीं चाहिए, जो तुम पर ख़र्च हुए.
_ बस वो वक़्त लौटा दो, जो तुम्हारे साथ बीता..!!
तमाम उम्र कहाँ कोई साथ देता है.?
_ये जानता हूँ मगर थोड़ी दूर साथ चलो..!!
_ बस वो वक़्त लौटा दो, जो तुम्हारे साथ बीता..!!
_ये जानता हूँ मगर थोड़ी दूर साथ चलो..!!
कौन, कब, कहाँ बदल गया सब का हिसाब रखता हूँ।।
मगर एक साथ चलना भी तो कोई कम नहीं होता..
” आपको वह मिलता है जिस पर आप ध्यान केंद्रित करते हैं, इसलिए उस पर ध्यान केंद्रित करें जो आप प्राप्त करना चाहते हैं “
जो मिलेगा नहीं उसी पर रोज मरते हैं हम..
लोग आपके बारे में क्या सोचेंगे ये सोचना छोड़ दो.
_ जब भी आप कुछ करना चाहें, तो अगर-मगर के पीछे न छुपें.. बल्कि उसे करने का कोई रास्ता ढूँढ़ें.!!