Collection of Thought 484
अपनी शक्ल-सूरत या चिंता पर ज्यादा समय न लगाएं; न तो लंबी अवधि में कुछ भी हल होगा.
अपनी शक्ल-सूरत या चिंता पर ज्यादा समय न लगाएं; न तो लंबी अवधि में कुछ भी हल होगा.
यदि हम थोड़ी देर प्रतिछा कर लें, तो वह हरी हो जाती है.
_ फूलों के उगने की राह देखी जाती है, काँटों की नहीं..!!
_ उन्हें दूर करना जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है..
जो किसी के लिए ऊपर जाती हैं और किसी के लिए नीचे आती हैं.
एक शब्द करे औषधि, एक शब्द करे घाव !
शब्द संभाले बोलिए, शब्द खींचते ध्यान !
शब्द मन घायल करे, शब्द बढ़ाते मान !
शब्द मुहँ से छूट गया, शब्द न वापस आय…
शब्द जो हो प्यार भरा, शब्द ही मन में समाए !
शब्द में है भाव रंग का, शब्द है मान महान !
शब्द जीवन रूप है, शब्द ही दुनिया जहान !
शब्द ही कटुता रूप दे, शब्द ही बैर हटाए !
शब्द जोड़ दे टूटे मन, शब्द ही प्यार बढ़ाए…
एक विवेकपूर्ण प्रश्न है – आधा ज्ञान.
पर लोग कैचियाँ चला कर, सारा फ़साना ही बदल देते हैं.