मस्त विचार 4301

हजार ग़म मेरी फ़ितरत नहीं बदल सकते.. क्या करू मुझे आदत मुस्कुराने की है..!!
ये ना होता तो कोई दूसरा ग़म होना था..

_ मैं तो वो हूँ.. जिसे हर हाल में बस रोना था..!!

सुविचार 4426

इस संसार में कोई संकट जितना ही गहन होता है, उस पर विजय प्राप्त करने के बाद उससे प्राप्त होने वाला गौरव भी उतना ही विशाल होता है.

मस्त विचार 4300

प्यास अगर शराब की होती तो, ना आता तेरे मैखाने में,

ये तो तुमारी नज़रो का जाम है, कही मिलता नहीं..।।”

सुविचार 4425

हम सदा कारण से प्रसन्न होते हैं, अकारण प्रसन्नता का नाम मस्ती है.
जो अपना मूल्य जानते हैं, वो दूसरों से अपनी तुलना नहीं करते हैं.!!
प्रसन्न वो हैं जो…अपना मूल्यांकन करते हैं..

_ परेशान वो हैं जो…दूसरों का मूल्यांकन करते हैं…!!

स्वयं प्रसन्न रहना और दूसरों को प्रसन्न करना, जीवन का सबसे सुन्दर लक्ष्य है.

भय, लालच, क्रोध, कड़वाहट, जैसे नकारात्मक भाव प्रसन्नता का भाव कम कर देते हैं.!!

सुविचार 4424

अपने “लक्ष्य प्राप्ति” के लिए “आज क्या किया”

रोज रात सोने से पहले एक बार सोचना चाहिए.

मस्त विचार 4298

गम की अंधेरी रात में दिल को न यू बेकरार कर,

_ सुबह ज़रूर आएगी तो सुबह का इंतज़ार कर..

हर रात बहुत कुछ घटित होता है, रातें पिछले जीवन की पुनरावृत्ति होती हैं,

_ जीवन का हर परिदृश्य हर रात बिल्कुल एक जैसा मन में उभरता है,
_ हर रात हम पीछे जाकर बहुत सी चीजें बदलना चाहते हैं.!!

सुविचार 4422

जीवन में सफलता चाहते हो, उंचाईओं को छूना चाहते हो तो अपने व्यवहार पर ध्यान दो ! सबसे आवश्यक है धैर्य और विनम्रता !

प्रगति करने के लिए आज कल साधन सम्पदा बहुत हैं लेकिन लोगों में धैर्य नहीं है !

हम चाहकर भी वह सब कुछ नहीं पा सकते जो हम वास्तव में अपने लिए चाहते हैं, _ क्योंकि कुछ चीजों के लिए न केवल हमारी चाहत की आवश्यकता होती है,

_ बल्कि हमारे धैर्य, हमारे समय और हमारी समझ की भी आवश्यकता होती है.
_ कभी वक़्त साथ नहीं देता, कभी हालात साथ नहीं देते, और कभी हम उस चीज़ के काबिल नहीं होते.. जिसे पाने की तमन्ना करते हैं.
_ शायद ज़िंदगी का यही सबक है: जो सच में हमारा है, वो एक दिन मिल ही जाएगा, बिना चाहत के भी.!!
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