सुविचार 1391
पकाई जाती है रोटी जो मेहनत की कमाई से.
_ हो जाए गर बासी तो भी लज्ज़त कम नहीं होती..!
जाना पड़ता है लौटकर बार बार उस जगह,
_ जहाँ से आता है रोटी, कपड़ा और मकान..
_ हो जाए गर बासी तो भी लज्ज़त कम नहीं होती..!
_ जहाँ से आता है रोटी, कपड़ा और मकान..
हमारे गुणों के स्तम्भों पर ही सफलता प्राप्त होती है, जिसके पास गुण नहीं है वह इसके योग्य नहीं है, लेकिन वह अपनी मेहनत से उन्हें विकसित कर सकता है.
तो उसे खुद कीजिये.
उन लोगों के चेहरों पर लगे नकाब देख सकें, जिन पर हम आँख मूंदकर भरोसा करते हैं.