सुविचार 1343
मानव सेवा यह है कि हम किसी जरूरतमन्द की इस तरह मदद करें कि, वह अपनी मदद खुद कर सके.
आप जितना कम बोलते हैं, उतना ही आपकी बात सुनी जाती है, _ मौन सोना है, वाणी चांदी है.
दुसरों को नीचा दिखाना छोड़ दो.
जो जीवन से प्यार करते हों, वे इसे व्यर्थ में न गँवाएँ.
खुशियाँ उतनी ही बढ़ जाती हैं _ जितना आप इसे चारों ओर फैलाते हैं.
आप सुविधा को गलती से सुख समझ रहे हैं.
हम भीतर से जो हासिल करते हैं, वह बाहरी वास्तविकता को बदल देगा.
और बाकी का आधा दुःख सच्चे लोगों पर शक करने से आता है.