सुविचार 1275
इनसान से गलती तब होती है, जब वह गलत भी करता है और उसे छिपाता भी फिरता है. इतना तो स्वाभिमान होना ही चाहिए कि अगर गलती हो जाए, तो आप अपनी गलती को स्वीकार कर लो.
एक निराशावादी विचार उनमें से सैकड़ों को जन्म दे सकता है और इस प्रकार मनुष्य को आत्म – विनाश की ओर धकेलता है.
पर इतना यकीन हैं मुझे, कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खो देने के बाद.
ज्ञानी जानता है कि वह कुछ नहीं जानता, _ मूर्ख ही सोचता है कि वह सब जानता है.
पर गलती पर समझा कर साथ निभाने वाले बहुत कम मिलते हैं.
हर कोई दूसरों से तारीफ ढूंढता है लेकिन उसके लायक बनने की कोशिश कभी नहीं करता.
छोटी सी जिंदगी है नफ़रत कब तक करोगे !!