सुविचार 1321
इरादा करना काफी नहीं है, हमें उसे पूरा करना चाहिए.
इरादा करना काफी नहीं है, हमें उसे पूरा करना चाहिए.
हर दिन एक उपहार की तरह है _ जो कोई भी इसका उपयोग करने का प्रयास करता है _ वह सफल होता है.
सच्चे लोग तो आरोपों से ही मर जाते हैं.
कल की हमारी प्राप्ति की एकमात्र सीमा आज की हमारी शंका होगी.
इस प्रवृत्ति के लोग यह ध्यान नहीं देते कि जो सामान वो खरीद रहे हैं. वह उनके काम लायक है भी या नहीं.
सामान अपनी जरुरत के हिसाब से खरीदें, दूसरों को देख कर नहीं. इससे फिजूलखर्ची नहीं होगी.
_ ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अपनी धारणाओं को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं कि _बाकी सभी का जीवन कितना अच्छा चल रहा होगा.
कि बेकरार होकर भी, अब तक बरक़रार हूं मैं.
उसकी चाभी आपके हाथों में है.
हम जो कुछ भी हासिल करते हैं _ वह हमारे भाग्य के कारण नहीं होता है _ बल्कि हमारी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम होता है.
और वो डूबते डूबते भी तर गए, जिन पर तू मेहरबान था.