Collection of Thought 309
खुशी तब होती है जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं उसमें सामंजस्य हो.
खुशी तब होती है जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं उसमें सामंजस्य हो.
मैं बातें भूल भी जाऊँ.,…..तो लहजे याद रखता हूँ.
सा-री-महफ़िल निगाहें मुझ पे.,…..जिन लोगों की पड़ती हैं.,
…निगाहों के हवाले से वो चेहरे हमेशा याद रखता हूँ
ज़रा सा हट के चलता हूँ .,……..ज़माने की रवायात से
के जिन पे बोझ मैं डालूं ……”वो कंधे याद रखता हूँ “
व्यक्ति की उच्च नियति शासन करने के बजाय सेवा करना है.
फासले पर ही होना जो –
एक कदम…
एक स्पर्श….
एक मुस्कुराहट…
एक आंसू…..
एक शब्द से सब कुछ
भूल कर वापस सम्बन्ध सोहाद्र-पूर्ण हो जाए।
प्यार हर मौसम में एक फल है, और हर हाथ की पहुंच के भीतर है.
जमाने को करवटें बदलते हुए.
बहाना झूठ से भी बदतर है क्योंकि यह एक संरक्षित झूठ की तरह है जिस पर कोई भी बयान नहीं दे सकता है.