सुविचार 4367

दुःख तब होता है जब आपको एहसास हो कि आप जिसे महत्व दे रहे हैं

उसकी नजरों में आपका कोई महत्व ही नहीं है.

सुविचार 4366

जब घरेलू फैसला करने के लिए बाहर के बंदे की जरुरत पड़ जाये तो,

समझ लें हमारा खानदान बरबाद हो चुका है.

Quotes by Gerard Way

One day your life will flash before your eyes. Make sure it’s worth watching.

एक दिन आपका जीवन आपकी आंखों के सामने से होकर गुजर जाएगा. सुनिश्चित करें कि यह देखने लायक हो.

Life is very, very short, and you can choose to live it how you want. You can choose to dumb yourself down and not express yourself just so you can fit in, just so people won’t dislike you.

जीवन बहुत, बहुत छोटा है, और आप इसे अपनी इच्छानुसार जीना चुन सकते हैं. आप अपने आप को शांत करना और अपने आप को अभिव्यक्त न करना चुन सकते हैं ताकि आप इसमें फिट हो सकें, ताकि लोग आपको नापसंद न करें.

All we ever wanna do is inspire somebody to be who they wanna be and to give them a little bit of hope.

हम बस इतना करना चाहते हैं कि किसी को वह बनने के लिए प्रेरित करें जो वह बनना चाहते हैं और उन्हें थोड़ी आशा दें.

You just go with your gut instinct, because your gut is smarter than your heart.

आप बस अपनी अंतःप्रेरणा के साथ चलें, क्योंकि आपकी आंत आपके हृदय से अधिक बुद्धिमान है.

NOTHING is worth hurting yourself over. NOTHING is worth taking your life over, DO YOU UNDERSTAND ?

किसी भी चीज़ के लिए खुद को चोट पहुँचाने लायक नहीं है. आपके जीवन पर कब्ज़ा करने लायक कुछ भी नहीं है, क्या आप समझते हैं ?

Being happy doesn’t mean that everything is perfect. It means that you’ve decided to look beyond the imperfections.

खुश रहने का मतलब यह नहीं है कि सब कुछ परफेक्ट है. इसका मतलब है कि आपने खामियों से परे देखने का फैसला कर लिया है.

Would you destroy Something perfect in order to make it beautiful ?

क्या आप किसी उत्तम चीज़ को सुंदर बनाने के लिए उसे नष्ट कर देंगे ?

No matter how much you try and make your surroundings suitable for creativity, if the enviornment inside of you isn’t creatively healthy then you won’t be able to make the art you want. Being in tune with yourself and your inner truth, being at peace in there, is the best way to nurture your creativity. Then you can even make a bad enviornment a good one.

चाहे आप कितनी भी कोशिश कर लें और अपने परिवेश को रचनात्मकता के लिए उपयुक्त बना लें, अगर आपके अंदर का वातावरण रचनात्मक रूप से स्वस्थ नहीं है तो आप वह कला नहीं बना पाएंगे जो आप चाहते हैं. अपने और अपने आंतरिक सत्य के साथ तालमेल बिठाना, वहां शांति से रहना, अपनी रचनात्मकता को विकसित करने का सबसे अच्छा तरीका है. तब आप ख़राब माहौल को भी अच्छा बना सकते हैं.

There are really so many people trying to get control over you on a daily basis and steal your soul in some way, take a part of you…

वास्तव में ऐसे बहुत से लोग हैं जो दैनिक आधार पर आप पर नियंत्रण पाने और किसी तरह से आपकी आत्मा को चुराने, आपका एक हिस्सा लेने की कोशिश कर रहे हैं…

It’s okay to love something a little too much,as long as it’s real to you.

किसी चीज़ से बहुत ज़्यादा प्यार करना ठीक है, जब तक कि वह आपके लिए वास्तविक हो.

Tears are words the heart can’t express.

आँसू ऐसे शब्द हैं जिन्हें हृदय व्यक्त नहीं कर सकता.

Real revenge is making something of yourself.

असली बदला अपने आप को कुछ बनाना है.

The clearest actions come from truth, not obligation.

सबसे स्पष्ट कार्य सत्य से आते हैं, दायित्व से नहीं.

It’s OK to be different.

अलग होना ठीक है.

You can do amazing things when you believe.

जब आप विश्वास करते हैं तो आप अद्भुत चीजें कर सकते हैं.

We have to do it, so there’s no point in bitching.

हमें यह करना ही होगा, इसलिए परेशान होने का कोई मतलब नहीं है.

If you’re ever in a dark place, don’t resort to violence. Talk to someone; whether it be a therapist, teacher, parent, or just someone you can trust. We all have our dark places and it’s important that you get help.

यदि आप कभी किसी अंधेरी जगह पर हों तो हिंसा का सहारा न लें. किसी से बात करो; चाहे वह चिकित्सक हो, शिक्षक हो, माता-पिता हो, या कोई ऐसा व्यक्ति जिस पर आप भरोसा कर सकते हैं. हम सभी के अपने अंधेरे स्थान हैं और यह महत्वपूर्ण है कि आपको सहायता मिले.

All your quirks and all your problems – even your depressions and your failures – that’s what makes you you.

आपकी सारी विचित्रताएँ और आपकी सारी समस्याएँ – यहाँ तक कि आपके अवसाद और आपकी असफलताएँ – यही आपको आप बनाती हैं.

Sometimes you have to kind of die inside in order to rise from your own ashes and believe in yourself and love yourself and become a new person.

कभी-कभी आपको अपनी राख से उठने, खुद पर विश्वास करने, खुद से प्यार करने और एक नया इंसान बनने के लिए अंदर ही अंदर मरना पड़ता है.

I am living proof that no matter how bad life gets, it gets better.

मैं इस बात का जीता-जागता सबूत हूं कि जिंदगी चाहे कितनी भी बुरी क्यों न हो, बेहतर हो जाती है.

I do a lot of research, I try to think about how it relates to music and I just do a ton of drawing. It’s much easier to work your ideas out that way.

मैं बहुत शोध करता हूं, मैं यह सोचने की कोशिश करता हूं कि इसका संगीत से क्या संबंध है और मैं बस ढेर सारी चित्रकारी करता हूं. इस तरह से अपने विचारों को कार्यान्वित करना बहुत आसान है.

My music is – I don’t want to say my main focus, but it’s what comes most naturally to me.

मेरा संगीत है – मैं यह नहीं कहना चाहता कि मेरा मुख्य फोकस क्या है, लेकिन यह वही है जो मेरे अंदर सबसे स्वाभाविक रूप से आता है.

I had no direction. I thought, ‘I need to make a difference in my life,’ and music was my answer.

मेरे पास कोई दिशा नहीं थी. मैंने सोचा, ‘मुझे अपने जीवन में बदलाव लाने की ज़रूरत है,’ और संगीत मेरा जवाब था.

If I announce something i’m making sure I’m doing it.

अगर मैं कुछ घोषणा करता हूं तो मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि मैं उसे कर रहा हूं.

I’m not used to saying I’m gonna do something and i don’t do it.

मुझे यह कहने की आदत नहीं है कि मैं कुछ करूंगा और मैं वह नहीं करूंगा.

I’ve gotta get out of the basement. I’ve gotta see the world. I’ve gotta make a difference.

मुझे तहखाने से बाहर निकलना होगा. मुझे दुनिया देखनी है. मुझे फर्क लाना होगा.

I have so many books to write now. So I’ll write from home. Sometimes I’m writing in the office too, in my cubicle. It looks like a mess. It doesn’t look like anybody uses the spot.

मेरे पास अभी लिखने के लिए बहुत सारी किताबें हैं. तो मैं घर से ही लिखूंगा. कभी-कभी मैं कार्यालय में, अपने कक्ष में भी लिख रहा होता हूँ. यह एक गड़बड़ी की तरह लग रहा है. ऐसा नहीं लगता कि कोई भी इस स्थान का उपयोग करता है.

Thinking visually is my starting point, and then the writing happens.

दृष्टिगत रूप से सोचना मेरा शुरुआती बिंदु है, और फिर लेखन होता है.

I wanted something where I could explore comics and music at the same time.

मैं कुछ ऐसा चाहता था जहां मैं एक ही समय में कॉमिक्स और संगीत का अन्वेषण कर सकूं.

I think my favorite medium is music, with my main tools being my voice and a guitar. But I do find every other medium extremely fulfilling and useful in helping everything I do. Sometimes I need to make a song just for a comic. All of the art and mediums are connected for me.

मुझे लगता है कि मेरा पसंदीदा माध्यम संगीत है, मेरे मुख्य उपकरण मेरी आवाज़ और गिटार हैं. लेकिन मैं अपने हर काम में मदद करने के लिए हर दूसरे माध्यम को बेहद संतुष्टिदायक और उपयोगी मानता हूं. कभी-कभी मुझे सिर्फ एक कॉमिक के लिए गाना बनाने की जरूरत पड़ती है. मेरे लिए सभी कलाएं और माध्यम जुड़े हुए हैं.

The more people that learn about you, even if you’re an underdog, then you can come under fire a lot and the more attention you get and the more threatening or dangerous you appear to people. And the more people try to knock you down.

जितने अधिक लोग आपके बारे में जानेंगे, भले ही आप एक दलित व्यक्ति हों, तब आप बहुत अधिक आलोचना के घेरे में आ सकते हैं और आपको उतना ही अधिक ध्यान मिलेगा और आप लोगों के सामने उतने ही अधिक भयभीत या खतरनाक दिखाई देंगे. और उतने ही अधिक लोग आपको नीचे गिराने का प्रयास करेंगे.

I would like to continue to make art by being able to do what I love and have that make it possible for me to support my family. I’d like to make people happy, show people a good time, and hopefully inspire some people.

मैं कला बनाना जारी रखना चाहूंगा, जिसमें मुझे जो पसंद है वह कर सकूं और इससे मेरे लिए अपने परिवार का भरण-पोषण करना संभव हो सके. मैं लोगों को खुश करना चाहता हूं, लोगों को अच्छा समय दिखाना चाहता हूं और उम्मीद है कि कुछ लोगों को प्रेरित करूंगा.

I think normally people think that they’re afraid to die but I actually think people are more afraid to live. People are more afraid to make the choices that they want because they’re very hard decisions to make in order to be happy. I think a lot of people are really afraid of that. It’s easy to be in a band because you have a lot of things to hide behind so that’s really not always living…that doesn’t always constitute as living life the way you want. But at times you have to make decisions that sometimes hurt others in order to live.

मुझे लगता है कि आम तौर पर लोग सोचते हैं कि वे मरने से डरते हैं लेकिन मुझे वास्तव में लगता है कि लोग जीने से अधिक डरते हैं. लोग अपनी पसंद का चुनाव करने से अधिक डरते हैं क्योंकि खुश रहने के लिए उन्हें बहुत कठिन निर्णय लेने पड़ते हैं. मुझे लगता है कि बहुत से लोग वास्तव में इससे डरते हैं. एक बैंड में रहना आसान है क्योंकि आपके पास छिपाने के लिए बहुत सी चीजें होती हैं इसलिए यह वास्तव में हमेशा जीना नहीं है… यह हमेशा उस तरह से जीवन जीने का मतलब नहीं है जैसा आप चाहते हैं. लेकिन कभी-कभी आपको जीवित रहने के लिए ऐसे निर्णय लेने पड़ते हैं जो कभी-कभी दूसरों को नुकसान पहुंचाते हैं.

There was a moment in my life when I really wanted to kill myself. And there was one other moment when I was close to that. But even in my most jaded times, I had some hope.

मेरे जीवन में एक ऐसा क्षण आया जब मैं वास्तव में खुद को मार डालना चाहता था. और एक और क्षण था जब मैं उसके करीब था. लेकिन मेरे सबसे निराशाजनक समय में भी, मुझे कुछ आशा थी.

Can I be your only hope ? Because your the only hope for me.

क्या मैं आपकी एकमात्र आशा बन सकता हूँ ? क्योंकि तुम ही मेरे लिए एकमात्र आशा हो.

I learned to see beauty in everything and ugliness in everything. I developed a very honest perspective.

मैंने हर चीज़ में सुंदरता और हर चीज़ में कुरूपता देखना सीखा. मैंने बहुत ईमानदार दृष्टिकोण विकसित किया.

I just wanna kind of give the world something special.

मैं बस दुनिया को कुछ खास देना चाहता हूं.

Collection of Thought 1033

There’s no such thing as people changing…you only get to know them better…

लोगों के बदलने जैसी कोई बात नहीं है…आप उन्हें सिर्फ बेहतर तरीके से जान पाते हैं..

The most wonderful people are those who don’t need anything from anyone.

सबसे अद्भुत लोग वे हैं जिन्हें किसी से कुछ भी नहीं चाहिए.

सुविचार 4365

” कुदरत किसी को भी किसी के जैसा पैदा नहीं करती,

यहाँ हर चीज़ सिर्फ और सिर्फ अपनी-जैसी पैदा होती है, “

मस्त विचार 4239

अगर आपने अपने लक्ष्य और दृष्टिकोण को विकसित करने के लिए समय नहीं दिया..

_ तो आप दूसरों की जरूरतों और वरीयताओं को पूरा करने में ही जीवन गुजार देंगे.!!

सुविचार 4364

मन से जब-जब लड़ता रहा, ” हारता रहा “

फिर मन से दोस्ती की और जीत गया..

Mast Magan

मरना जरूरी नहीं.. मेरी तरह जिंदगी जियो..!!

_ अपने हृदय को लोगों की प्रशंसा से प्रसन्न न होने दें.. और न ही उनकी निंदा से दुःखी होने दें.!!

ज़्यादातर लोग मेरे शब्दों की गहराई नहीं समझते और बिना समझे ही इन्हें आम शब्द समझकर आगे बढ़ जाते हैं,

_ लेकिन ये शब्द और विचार वो चाबियाँ हैं.. जो जंग लगे ताले को खोल सकते हैं.!!

**“फितरत से हटकर चलना ही मेरी थकान थी ;

_ पसंद का काम और मन मिला, तो जीवन अपने आप खिल गया”

**”मस्त जिंदगी वहीं से शुरू होती है, जहां हम खुद से झूठ बोलना बंद कर देते हैं.”

“मस्त जिंदगी लग्जरी [Luxury] नहीं, स्पष्टता [Clarity] का नाम है.”

मेरी बातों पर और मेरी ओर ध्यान मत दिया करो- मैं मस्त-सा रहता हूँ.!!
क्या आप जिंदा है..??

_ आपका जवाब होना चाहिए –”हां, मैं जिंदादिली के साथ जिंदा हूं..”

क्या मुझे लोगों की तारीफ़ चाहिए या अपने होने का सुकून ?

_ जो अपने होने को समझ गया, उसे दुनिया समझने की ज़रूरत ही नहीं रहती.!!

मिलना कभी वक्त निकाल कर..

_ मैं भले ही सस्ता हूँ.. पर मुलाकात महंगी बना कर जाऊंगा.!!

हर वो चीज़ जिसकी वजह से आप मुस्कुरा लेते हैं,

_ उसे राज़ ही रखें तो बेहतर है..!!

ख़ुशी को शब्द नहीं मिलते तो वो और गहरी हो जाती है,

_ और ये ख़ुशी पहले-पहले अकेलापन लाएगी, “फिर एक दिन वो आनंद का राज़ बन जाएगी”

“जिन्हें मैं सबसे पहले अपनी ख़ुशी बताना चाहता था, वो ही समझने को तैयार नहीं थे…

_ तो मैंने ख़ुशी से कहा – चलो, सिर्फ तुम और मैं मिलकर जीते हैं”

जिस दिन तुम जो हो वहीं बन जाओगे, उस दिन तुम्हे उसकी प्रतीति हो जाएगी.!

_ क्योंकि जिस दिन तुम पूरे खिलोगे, वही अनुभव है उसका..!!

“शायद मैं उसकी तरफ बढ़ रहा हूँ,

_ जो मुझे बिना ढूंढे भी महसूस कर रहा है”

जिंदगी के उस दौर में हूँ, जहां अब सिर्फ “ख़ुद” को पसंद आना है.!!
मुझे लगता है कि मेरे पास एक बटन है, जिससे मैं अपने दिमाग को थोड़ी देर के लिए बंद कर पाता हूँ.. – कम से कम चैन की नींद तो सो पाता हूँ.
अपनी बॉडी का दर्द सुनो, बॉडी बोलती है पहले- टूटती है बाद में..

_ जीवन में जो चीज मेरी सांस को भारी करे, वो मेरे लिए नहीं है – चाहे वो कितनी ही सही लगती हो.!!

स्वयं को समझ लेने से अधिकांश समस्याएं आसानी से हल हो जाती हैं.
आज अचानक.. अपनी ही याद आ गयी क्या हुआ करता था मैं..

_ मुझे अपने पुराने रूप में रहना बिल्कुल पसंद नहीं, वह एक दुःखी व्यक्ति था.!!

जो लोग अपनी पूरी चेतना के साथ चले जाते हैं, वो वापस नहीं आते.!!
दुख पूरी तरह से समाप्त हो जाता है जब व्यक्ति रब, दूसरों या स्वयं से कुछ भी नहीं चाहता.!!
अब मैं बड़ी-बड़ी प्लानिंग नहीं बनाता,

_क्योंकि प्लानिंग हमेशा से मुझे तमाचा मारते आई है.!!

मुझे वो करने दो.. जो मैं करना चाहता हूँ और आप वो करो.. जो आप करना चाहते हो.!!
आपका यहां अपना कौन है ?

_ याद रखना, कोई भी नहीं, जब आपको पता चल जाए कि आपका यहां अपना कोई भी नहीं है,

_ तो आप जीवन को ज्यादा अच्छे से, खूबसूरती और जिंदादिली के साथ जी पाते हो !!

_ अपनी खुशियां जितनी छुपा कर रखोगे.. उतना खुश रहोगे..!!!

_ कोशिश करें कि सुकून का ताल्लुक किसी इंसान से न हो.!!

“सब का मंगल सोचना” – बस यहीं तक ठीक है.

_ बस यही एक काम है.. कि बस सोच सकते हैं बिना किए..

_ अगर करने पर आ गए सब का मंगल.. तो मंगल करने वाला बचेगा नहीं.!!

मुझे तो जीवन सबका बैल गाड़ी जैसा लगता है..!

_ रोज कीचड़ में फंस जाता, रोज धक्का लगाते..

मैं बहुतो के आँखों मे खटकता हुँ — बहुत कोई मुझसे नफ़रत करते हैं —

— और सही मायने में मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता —

— ” मुझे अपनी धुन पसंद है — मेरे अपने नियम हैं.”

आसान नहीं होता, आराम से जी लेना..

_ मर-मर के ज़िंदगी को आसान किया मैंने.!!

दूसरों की बनाई तस्वीर में कैद रहना मुझे मंज़ूर नहीं,

_ मैं तो गहरे रंग चुनूँगा.. जिन्हें देखकर लोग चौंकें.!!

कोई किसी के जैसा नहीं है इस जहां में..

_फिर क्यों एक जैसा दूसरा तलाशते हैं लोग.!!

“अब मैं किसी को खुश करने की कोशिश किए बिना जी सकता हूँ.!!”

_ ‘मस्ती और आनन्द से जिओ’- औरों की चिंता में दुबले मत होओ.!!

“गहराई तक उतर जाता हूं, मैं सतह तक नहीं रहता..”
सबसे बड़ा रोग ‘क्या कहेंगे लोग’

_ और मैंने इस रोग को कभी लगने नहीं दिया.!!

जिस दुनिया में रहना नहीं, वहां के सुख-दुःख, अच्छे-बुरे की क्या परवाह करना ?

_ पछी तू तो उड़ जाने वाला है, रात भर का बसेरा है तेरा.!!

_ और उड़ गया पछी और कह गया ‘अब लौटना नहीं होगा’

मजे करो, खुश रहो, डरने का नहीं – जो मन में है करने का और अभिव्यक्त करने का,

_ एक इंसान दूसरे इंसान पर कभी भी हावी नहीं हो सकता – और किसी को होने भी ना दें..

_ कुल मिलाकर बात यह है कि एक ही जीवन है मस्त रहो.!!

“समझ”

_ हर एक की समझ का एक स्तर होता है और सिर्फ़ इस बात के लिए आपको लोड लेने की ज़रूरत नहीं है कि.. दूसरों कि समझ का स्तर अलग है ;

_ आप अपनी लाइफ और अपनी समझ के हिसाब से समझिए चीजों को.. _ और दूसरों को उनकी समझ घिसने दीजिए.!!

हम यदि थोड़े समय के लिए स्वयं को भुला देते हैं तो उसे सुख कहने लगते हैं, फिर चाहे नशा हो, मनोरंजन हो, निंद्रा हो, खेल या मनपसंद कार्य..!

_ वहीं जो कुछ भी हमें सत्य से परिचित करवाकर झकझोर दे अन्दर तक, उसे दुःख मानने लगते हैं.

_ सत्य से जो परिचय करवा रहा, उसे कोई नहीं चाहता, विचित्र..!!

मन का नही हुआ तो पीड़ा है ?

_ अच्छा ये बताओ बचपन से लेके आज तक मन का हुआ क्या था ?

_ बावजूद इसके ज़िन्दगी चलती रही ना… निराश न हो आगे भी चलती रहेगी….!

जीवन के सारे सपोर्ट सिस्टम को हटाकर देखो कि.. क्या आप अकेले अपने दम पर जी पा रहे हो.

_ यदि नहीं, तो पहले अपनी स्थिति को सुधारो.!!

जिंदगी आनंद-मौज करने के लिए है.

_ जो नहीं करता वो दोष जिंदगी को देता है.. पर दोष उसका खुद का है.!!

अब मैं उन सभी चीज़ों से दूर होता जा रहा हूँ, जो मुझे पसंद करने के लिए मजबूर किया गया था, जिन्हें मेरी पसंद बताकर मुझ पर थोपा गया था.

_ अब मुझे सिर्फ वही चाहिए.. जो मेरे भीतर से उठे, ना कि जो बाहर से सिखाया जाए.!!

_ अब मैं खोया हुआ और दुनिया से बेखबर, अपने जीवन को जी भरकर जीता हूँ.

_ मेरा हर दिन उन चीज़ों से भरा होता है जो मुझे पसंद हैं.

_मैं घूमता हूँ, वॉक करता हूँ, कुछ पढता-लिखता हूँ.!!

जब ज़िन्दगी में अपने मन का कुछ होना ही नहीं है तो “ये ज़िन्दगी हमें मिली ही क्यों है ?”

_ हमारी तलाश ज़िंदगीभर अधूरी रह जाती है, हम जो चाहते हैं वो हमें कभी नहीं मिलता ;

_ और जब वो मिलता भी है, तब तक हम बहुत दूर जा चुके होते हैं,

_ जो मिलता भी है तो हमारे अपेछा के अनुरूप नहीं होता,

_ जहां अपने मन का कुछ न हो, ऐसा जीवन पराया-सा लगता है..!!

अफसोस क्यों करना.. जो नहीं है उसका..!

_ यदि यह न होता तो शायद कुछ और कमी होती..!!

सवाल ये है कि इंसान क्या चाहता है ?

_ जवाब है – जो है उसके अलावा सब..!!

मैंने अच्छा बनकर भी देखा है.. अच्छों के संग दुनिया अच्छा नहीं करती.!!
“अब मैं दूसरों के दर्द को महसूस तो करता हूँ, पर उसमें डूबता नहीं — क्योंकि अब मैं जानता हूँ कि मेरी शांति ही मेरी सबसे बड़ी सेवा है”
जिस दिन आप मेरी बात समझ जायेंगे,

_ आप जीवन को अलग नजरिये से देखना शुरू कर देंगे.!!

मैं किसी को यह समझाने की कोशिश नहीं करता कि मैं क्या हूँ.

_ मेरा सच कोई विज्ञापन नहीं, एक खुशबू है—चाहे महसूस हो या न हो.

” जो अपने रंग में जीना सीख लेता है..- उसे दूसरों की पसंद की ज़रूरत नहीं रहती.

_ वह अपने जीवन को अपने तरीके से जीने का सामर्थ्य रखता है.””

अगर कोई अपना सर्वश्रेष्ठ जीवन जी रहा है, तो हमें उससे ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए,

_ क्योंकि आप उनके संघर्ष की पिछली कहानी नहीं जानते.

_ आप नहीं जानते कि वे वहाँ कैसे पहुँचे..!!

“मेरी मौज ही मेरी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी खूबसूरती है”

_ जब मैं अपनी मौज में, अपने तरीके से जीता हूँ..

_ तो मुझे किसी की परवाह ही नहीं रहती..

_ कि किसने मेरे साथ क्या किया था.

_ बीती बातें महत्वहीन लगती हैं.

_ तब महसूस होता है— क्या रखा है इन सब बातों मे.!

_ ज़िन्दगी बस खूबसूरत है, और मैं इसे अपने रंग में जीता हूँ.

_ “और मैं इसे अपनी मौज में ही जीना चाहता हूँ”

मुझे तो अपनी मौज से मतलब है.. और मौज तब टिकती है, जब वह किसी से तुलना किए बिना हो.

_ जहां भी जाता हूं.. एंजॉय करता हूँ, क्योंकि यह संसार सच में एक रंग-बिरंगा मेला है.

_ इसे समझाने की नहीं, महसूस करने की ज़रूरत है.

_ मेरी मौज किसी और की मंज़ूरी पर टिकी नहीं है.

_ मुझे मेला देखना है, दुकानदार बनकर हिसाब नहीं लगाना.!!

“जिंदगी में मजा-मौज अपने आप नहीं आता है, लेना पड़ता है”

“जब आप अपनी राहों पर अकेले चल रहे होते हो, समझ जाओ- आप वही कर रहे हो, जो सब नहीं कर पाते.!!”

_ ” जो स्थायित्व की तलाश में हैं, वो जल्दबाजी से नहीं, समझदारी से चलता है”

और फिर जब आपको अहसाह हो कि जिंदगी कभी वैसी नही होती, जैसा हम सोच लेते हैं, तो जिंदगी जीने का मजा ही अलग हो जाता है..!!
आप ज़माने से जा मिले, वरना मैं ज़माने को आप से मिलवाता.!!
“चिंता आती है – पर मैं उसे देख लेता हूं, रोकता नहीं.. इसी में मेरी शांति छुपी है.”
जो व्यक्ति खुद के साथ ईमानदार हो, उसे पूरी दुनिया की सहमति की जरुरत नहीं होती.!!
“ज़िन्दगी को मैं ऐसी ही जीता हूँ..- ख्वाब, ख्वाहिशें, शिकायतें सब रब पर छोड़ देता हूँ.!!”
मिला ना कोई साथ बैठने को, मैं तब अपने ही साथ बैठ गया..!!
“अब मेरे पास सब आंख वाले हैं, जिन्हें सब दीखता है”

_ और जो आंख वाले नहीं हैं, उन्हें मैंने अपना बनाया नहीं.!!

मुझसे कभी कोई जीत नहीं सका.

_मैं खुद ही किसी के आगे हारा तो हारा.!!

सम्भाल के रख अपना किरदार…ऐ यार…

_ जड़ सूखा हो तो फल नहीं लगते.!!

मैं देखूंगा दुनिया.. _मगर अपनी आँखें और अपने हिसाब से !!

_ आप अपना अधिकार स्वयं पर खुद रखें, यह किसी को देंगे तो परेशान होना तय है.!!

_ इंसान यहां खुद से मिलने आया है लेकिन मिलकर दुनियां से जा रहा !!

कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है… कितनी बार सुनेंगे यह बात ?

_ मुझे कुछ नहीं पाना, क्योंकि जो मेरे पास है, वह इतना महत्वपूर्ण और बहुमूल्य है कि उसे खोकर मैं कुछ और पाना नहीं चाहता.!!

Its better to have one in hand than two in the bush.

जब सही, शांत (भीतर की उथल-पुथल से पार हुआ इंसान) और क्रिएटिव इंसान सशक्त बनने की राह पर आता है तो.. सबसे पहली शर्त होती है ढीठ होने की..!

_ मुझे ये बहुत अच्छी लगता है और मैं भी पहले अब ढीठ ही होना चाहता हूँ.!!

जब से मुझे अहसास हुआ कि आरामदायक जीवन घाटा देता है,

_ तब से मैंने आराम को जरुरत से ज्यादा महत्व नहीं दिया.!!

अब सब कुछ ख़ामोशी से देखने का वक्त आ गया है..!!

_ समझदारी यही कहती है, कि बस चुप रहिए..!!

_ जिसको जिससे उलझना है उलझे, ये मेरा मसला कतई नहीं है,

_ क्योंकि जो मेरा मसला था _ वो भी अब मेरा नहीं रहा..!!

_ अपने काम से काम रखता हूँ और मस्त रहता हूँ ..!!

हँसने की वजह.., रोने की वजह.., सब्र की वजह.., बेचैनी की वजह..__दूसरा..

_ यहाँ तक कि जीने की वजह भी दूसरा..

_ मेरा होना मेरे लिए कोई वजह क्यों नहीं है ?

_ चंगा-भला था मैं जब अपनी गुफ़ा में था, रोशनी में क्या आया कि मोह खिंचे चले आए..

_ अँधेरे के अपने दुख, रोशनी के अपने दुख..

_ अपने को अपने लिए अब ज़्यादा रखूँगा, दूसरों के लिए ज़रूरत भर..

_ कह देने से कमिटमेंट बढ़ जाती है, इसलिए कहा..

_ तुम, ये, वो.. सबसे मुझे क्या काम ?

_ मुझसे ‘मैं’ ही क्या कम है.. उलझने को..!!

मरम्मत चल रही है, जल्द ही निखरुंगा नए रूप में !!
दुनिया की हर चीज़ का विकल्प है, किन्तु स्वयं का कोई विकल्प नहीं..!

_ इसलिए सबसे अधिक स्वयं को स्वस्थ व प्रसन्न रखना जरुरी है !!

जब एक ही बात आपको अलग –अलग प्लेटफॉर्म में सुनने या देखने को मिले, तो ये कुदरत का “स्पष्ट इशारा” होता है,

_ आपको उस दिशा में “सतर्क” करने का या उस दिशा में कोई “मजबूत निर्णय” लेने का..!!

अपनी आंतरिक आध्यात्मिक सुंदरता का ख्याल रखें.. यह आपके चेहरे पर झलकेगी.!

– जब एक मनुष्य उस शुद्ध चेतना से एक हो जाता है, तो उसकी व्यक्तिगत पहचान खो जाती है.

_ मैं ज्ञान से जीता हूँ और संसारी चतुराई से जीता है.!!

अपन भी काफ़ी बदल गए…बहुत शांत हो गए… इग्नोर करना सीख लिया…

_ अब मन नहीं करता जवाब देने का… _ “कम बोलना है, सीखना ज़्यादा है.

_ बहसबाजी से बचना है, जब तक बहुत जरूरत न हो…

_ रूटीन सही करना है…बचे हुए कई काम करने हैं…

_ कहानियां लिखनी हैं…अच्छा-अच्छा देखना है…

_ नई-नई जगहें देखनी हैं. अच्छा-अच्छा पढ़ना है…!!

लोग मुझे नहीं जानते, वे अपनी धारणा के अनुसार मुझे जानते हैं,

_ वे मेरे बारे में अलग-अलग सोचते हैं.. जो उन्होंने अपने मन में बना रक्खा है,

_ जब वे मुझे असली तौर पर जानते हैं या फिर जब मैं उन पर भरोसा करते हुए अपनी असली पहचान बताता हूँ, तो वे कहते हैं कि तुम बदल गए हो…

काश मैं आपको दिखा पाता..

_ लेकिन कुछ चीजें हैं..जिन्हें आपको स्वयं देखना होगा.!!

लौटाने को अब पास कुछ नहीं है.. पर मुझे लौटना है अब.!!
अब हर उलझे काम की चिंता से बेखबर रहने की आदत पाल ली है मैंने.!!
हमें थोड़ा खुद के लिए भी जीना चाहिए,

_ वरना तो दुनिया गन्ने का रस निकालने वाली मशीन की तरह हमारा रस निकाल ही लेगी.!

गम नहीं यदि कोई मुझे समझ न सके,

_ मैं फुर्सत की चीज़ हूं और ज़माना जल्दबाजी में है.!!

मैं अपने संपर्क में आने वाले हर व्यक्ति को फलने-फूलने..

_ और अच्छा जीवन जीने का फॉर्मूला देता हूं.!!

हम अपना अधिकांश जीवन अपने दिमाग के अंदर बिताते हैं,

_इसे रहने के लिए एक अच्छी जगह बनाएं.!!

एक जागा हुआ इंसान दूसरे को कभी सुलाएगा नहीं..!!

_ “कड़वा लगेगा जागा हुआ व्यक्ति”

“तुम समझदार हो, कह-कह के सब मुझसे मेरा तमाम हक़ छीन लेते हैं.”
जब आपने दुनिया को अच्छा दिया है, लोगों के लिए अच्छा ही सोचा है तो फिर डर किस बात का, बेफिक्र रहो..!

_ वह सब लौटेगा जो आपके पास आना चाहिए.. क्योंकि इंसान का हिसाब गड़बड़ हो सकता है.. ऊपर वाले का नहीं..!!

जीवन तो कोरा कागज ही रहता है..

_ अपने मन रूपी स्याही से इस पर कुछ भी लिखते रहते हो, पर स्याही मिटती नहीं..

_ पेंसिल बना लो मन को..

_ रात तक आते आते सब कुछ मिट जाए… इसी मन से ही..!

_ अपना अगला दिन फिर रिफ्रेश शुरू हो..

_ यूं ही रंग बिरंगा और मस्त-मगन जीवन..!!

_ आनंद (joy), वास्तव में हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और खुशी (happiness) से भी अधिक मौलिक है.

फितरतन मैं हूँ ही कुछ ऐसा, मुझे यूं बात बात में आँका न कीजिए.!!

_ बर्बाद, बंजर भूमि में भी मुझे हरियाली दिखती है.!!

मेरी बातें उन लोगों को समझ में नहीं आएंगी.. जिनके लिए वे कही या लिखी गई हैं.

_ बल्कि वो लोग समझेंगे.. जो उस दौर से गुजरे हैं.. जिससे मैं गुजरा हूँ.!

सुधार अब और मुमकिन नहीं,, बड़ी मुश्किल से ख़ुद को जाना है,,

_ बहुत चला सबके मुताबिक,, अब जाकर,, ख़ुद को जाना है !!

अब जो मैं हूँ ये होने के बाद क्या ख़ास होता है ?

_जो ख़ास था.. वो ख़ास नहीं रहता..

_ जो भी हो रहा होता है.. वो ख़ास हो जाता है..!!

सब खुश थे, उन्हीं के बीच मैं गुम सा था, यही सत्य है यही जीवन है !

_ सब कुछ छणिक है, मस्त-मगन रहिए और इस दुनिया से कुच कर जाइए !!

जहाँ आप पहुंचे छलांगें लगा कर.. वहाँ मैं भी आया धीरे- धीरे !!!
अच्छे-अच्छे मुझे अच्छे नहीं लगते,

_ मेरे परखने का मिजाज थोड़ा अलग है.!!

कहते हैं लाइफ ड्रामा है,

_ पर यहां तो सब ओवर एक्टिंग कर रहे हैं, एक्टिंग के अंदर भी एक्टिंग..

_ तभी तो लाइफ फ्लॉप हो रही, अब पता चला सही से..!!

या रब “मुझे सदबुद्धि का खूबसूरत आशीर्वाद देना,”

_ सदबुद्धि के अभाव में ही एक इंसान उल-जुलूल हरकत करता है, जीवन में गलत का चुनाव करता है.!!

कभी-कभी अतीत को पीछे छोड़ देना ही बेहतर होता है.

_ हर कोई वही नहीं रहता जो पहले था, और कुछ रिश्ते समय के साथ बदल जाते हैं.

_ तुम्हें खुद पर ध्यान देना चाहिए और अपनी ज़िंदगी आगे बढ़ानी चाहिए.

_ तुम्हें ऐसे लोगों के साथ घूमना चाहिए, जो तुम्हें खुश करते हैं और तुम्हारी परवाह करते हैं.

रचनात्मकता के साथ जिम्मेदारी को भी बराबरी पर लेकर आगे बढ़ना..

_ ऐसा है जैसे बांसुरी बजाते हुए पीठ पर मन भर बोरा लेकर चलना…

_ इस गति से जीवन में सबकुछ बहुत दूर ही नजर आता है..!!

हम सब जीवन में अक्सर कमियों का, नाकामियों का, ग्लानियों, असफलताओं और अभावों का रोना रोते हैं – पर कभी हमने पलटकर और दो पल ठहरकर यह नही देखा कि मेरे पास क्या है जो मुझे औरों से अलग करता है,

_ वो क्या है – जो मेरे पास है और किसी के पास नही,

_ जो आपके पास है.. वह बिरला है और इसे पाने के लिये किसी दूसरे को कितने जीवन लग जायेंगे या अनथक प्रयास करना होंगे.. आप कल्पना भी नही कर सकते,

_ अब जब मैं धीरे – धीरे बहुत कुछ छोड़ता जा रहा हूँ, भीतर की ओर बढ़ रहा हूँ तो एहसास हो रहा है कि तमाम अवगुणों के बावजूद.. कुछ है जो मेरा है, अनूठा है..

_ और जिस पर मैं कम से कम भीतर ही भीतर ख़ुश हो सकता हूँ और गर्व कर सकता हूँ..

_ बस इतना कहूँगा कि जो आपके पास है, जैसा भी है, जितना भी है – उसे खोइये मत..

– वरना सच में आपके पास अपना कुछ नही रहेगा..

_ एक और दिन खोने से बड़ा दुःख दुनिया में कोई नहीं हो सकता.!!

“दौड़”

_ मैंने पूछा क्यों दौड़ रहे हो ?

_ उसने कहा, क्योंकि सब दौड़ रहे हैं.!!

“सब दौड़ रहे हैं तब.. मैं तो अपना एक कदम पीछे की ओर लूंगा !!”

अरे सब सिर्फ भाग रहे हैं.. शरीर आराम की तलाश में, हालात पैसों की तलाश में,

_ मन शांति की तलाश में, और दिल अपनो की तलाश में.!!

मेरे लिए जीवन रोज़ नये कौतुक से भरा होता है..रोज़मर्रा की छोटी छोटी बातें, घटनाएं मुझे अचंभित कर देती हैं..

_ सुबह सुबह बिना अलार्म घड़ी के ही चिड़ियों का चहचहाना..ये सब मामूली बातें होते हुए भी मुझे हैरान कर देती हैं..

_ कल की कली का फूल बन जाना, इतनी छोटी सी चींटी का इतना अनुशासित होना.. सब देखते ही दिल धकधक करने लगता..

_ किसी प्रसिद्ध गायक के वीडियो देखता हूँ तो पीछे वाद्य बजाने वाली मंडली को देखकर अवाक रह जाता हूँ, लगता है ऐसे कैसे कोई बजा सकता है..

_ दिल में एक काश सा उठता है कि-काश मुझमें भी यह कला होती !!

_ रोज़ दिन का उगना, रोज़ शाम का आना, रात का जादू सब मुझे परीलोक की घटनाएं लगती हैं,

_ सोचता हूँ.. कैसे सब घटनाएं एक निरंतरता में, सलीके से घटित होती हैं…

_ ट्रेनों का प्लेटफॉर्म पर लगना- चलना, हवाई जहाजों का आकाश में उड़ना, टिकट छपना, सब मशीनों, यंत्रों का कमाल भले हो..

_ पर मैं इन्हें उसी चकित भाव से देखता हूँ.. जैसे कोई बच्चा देखे..

_ कपड़े पर डिजाइन उकेरना, कुम्हार का चाक पर बर्तन बनाना.. सब मुझे रॉकेट साइंस जैसा गूढ़ और अनूठा लगता है..!

_ पेड़ के पत्तियों के झड़ने से लेकर उनमें नई पत्तियों के आने, उनके रोज़ रोज़ बड़े होने, रंग बदलने, फूल और फल आने को ग़ौर से, नियम से देखने पर भी लगता है कि यह तो जादू है..

_ कल पत्तियां बैंजनी थीं, आज काही कैसे हो गईं, अभी परसों ही तो इतनी छोटी थीं.. दो दिन में बड़ी कैसे हो गईं..!

_ लोगों को लिखते, पढ़ते, गाते, नाचते देखता हूँ तो जादू सा लगता है..लगता है कि क्या ही कमाल लोग हैं यार, कैसे कर लेते हैं यह सब..

_ मेरे लिए तो दुनिया की हर घटना, हर शै जादू से भरी..

_ जाने हैरानियों का सिलसिला कब थमेगा, जाने मेरे मन का बच्चा कब बड़ा होगा..जाने मुझे कब हर चीज़ मामूली लगेगी..!!

त्याग और तपस्या का जीवन जीने से ऐसा सात्विक भाव आता है कि मानो मैं पवित्र हो गया हूँ,

_ जो व्यक्ति अपने परिवार को सुचारू रूप से चलाता है, उससे बड़ा कोई तपस्वी नहीं है.

_ बिना किसी आसक्ति के अपने दायित्वों का निर्वाह करना किसी संतत्व से कम नहीं है.!!

“अब हर काम ही ध्यान है”

_ अब न मैं ध्यान करता हूँ,

_ अब तो बस हूँ…

_ हर श्वास में, हर चाल में, जैसे कोई मौन बहता हो..

_ चाय की प्याली उठाते समय, या किसी फूल को छूते हुए —

_ मन नहीं भागता,

_ वो तो यहीं है… ठहरा हुआ, लेकिन जीवित.

_ अब तो शब्द भी ध्यान हैं, और मौन भी.

_ अब तो हँसी भी प्रार्थना है, और आँसू भी स्वीकार.

_ ना कोई प्रयत्न है, ना कोई लक्ष्य,

_ सिर्फ एक सहज बहाव —

_ जैसे जीवन स्वयं ध्यान बन गया हो.

“अब बाहर की हलचल मुझे छूती जरूर है, लेकिन हिला नहीं पाती”

“हमें अपना ख्याल रखना चाहिए”

_ कोई भी आपके लिए ऐसा नहीं करेगा, कम से कम उस तरह तो नहीं जैसा आप चाहते हैं.

_ आपको अपने अंदर के बच्चे को साथ लेकर चलना चाहिए..

_ और वह सब करना चाहिए.. जो वह आपसे करवाना चाहता है,

_ क्योंकि कोई नहीं जान पाएगा कि आपने क्या नहीं जिया..

_ उन्हें नहीं पता कि आपके अंदर क्या है.

_ और अगर उन्हें पता भी है, तो यह उनका कर्तव्य नहीं है.

_ जो चीजें आपको खुश करती हैं, उन्हें करना आपका कर्तव्य है.

_ आपके चेहरे पर मुस्कान लाने वाली चीजें आपके अलावा कोई नहीं जान पाएगा..

_ और अगर आपको भी नहीं पता, तो पता लगाएँ.

_ घूमें-फिरें और पता लगाएँ कि आपको क्या खुशी देता है और उसका ख्याल रखें.

_ आपको उन लोगों का ख्याल रखने की ज़रूरत है.. जो आपके दिल के सबसे करीब हैं.

_ यह आपका कर्तव्य भी नहीं है, लेकिन यह आपकी खुशी के लिए है.

_ आपको अपने सारे काम खुद को खुश रखने के लिए करने चाहिए.

_ आपको अपना ख्याल उसी तरह रखना चाहिए.. जिस तरह आप दूसरों का रखते हैं.!!

इस उल-जुलूल दुनियां में खुद को खुश रखना, आपकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए.

_ लोग, वस्तु, संसार से लगाव कम कीजिए.

_ आपको सिर्फ और सिर्फ आप ही बचा सकते हैं, कोई दूजा न आएगा.!!

अब मैं अपने साथ रहता हूँ, उन सारी उथल-पुथल से दूर.. जो मैं ज़िंदगी भर झेलता रहा हूँ.

_ अब खुद को खुद से मिलवाऊँगा, मैं अब उन सपनों तक जाऊंगा, जो मैंने कभी देखे थे, लेकिन औरों की देखभाल या अपनी ज़िम्मेदारियों में इतना व्यस्त हो गया कि खुद को ही भूल गया,

_ क्योंकि इस सारी उथल-पुथल के बाद, मैं एक ऐसी खुशहाल जगह का हक़दार हूँ,

_ जहाँ मेरे सारे छोटे-छोटे सपने मुझमे में बसने के बजाय दीवारों पर टंगे न हों.!!

अब केवल वही काम करता हूँ जिससे मुझे सुकून मिलता है, उन आदतों को जीवन में पुनः शामिल कर रहा हूँ, जो मेरे भीतर जीवंतता का एहसास कराती थी और इस प्रक्रिया में किसी इंसान का सहारा नहीं लूंगा वरना वो ही आगे चल कर मेरे ही दुःख-दर्द-तनाव का कारण बनेगा.

– कभी-कभी जीवन की सबसे गहरी चिकित्सा वही होती है — जब हम फिर से अपने आप की ओर लौटते हैं.

_ जब हम वो करते हैं जो हमें भीतर से जीवित महसूस कराता है — बिना किसी के सहारे, बिना किसी की मान्यता के..!

_ यह एक शांत प्रतिज्ञा है — “मैं अब अपनी शांति का ज़िम्मेदार खुद हूँ”

_ कोई और नहीं जानेगा कि मुझे कब, किस तरह सुकून चाहिए — इसलिए अब मैं खुद अपने भीतर वो स्थान बनाऊँगा जहाँ कोई और प्रवेश न कर सके.!!

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