मस्त विचार 702

बेच जरूर दिया है किस्मत ने मुझे

समय के हाथों, पर मै बेचारा नहीं हूँ.

अकेला हूँ, तनहा हूँ.

लेकिन तनहाइयों से डरा नहीं हूँ.

मै थक जरूर गया हूँ दोस्तों,

पर अभी तक हारा नहीं हूँ.

मै फिर उठ खड़ा हुआ हूँ दोस्तों,

जिन्दा हूँ, अभी तक मरा नहीं हूँ.

मस्त विचार 700

शिकायतें तो बहुत हैं तुझ से ऐ जिंदगी

पर चुप इसलिये हूँ कि जो दिया तू ने

वो भी बहुतों को नसीब भी नही होता.

मस्त विचार 699

मै कुछ इस तरह गुनगुनाने लगा हूँ,

गीत तेरा हर वक़्त गाने लगा हूँ,

तू मिल गया है सारा आलम महका,

झूमते झूमते खुद पे इतराने लगा हूँ,

मस्त विचार 697

कुछ हम थे तबीयत के सादे,

कुछ लोग बेगाने लुट गए..

कुछ अपनो ने बदनाम किया,

कुछ बन अफसाने छूट गए ..

कुछ अपनी शिकस्ता नाव थी,

कुछ हम से किनारे छुट गए ..!

मस्त विचार 696

क्या हुआ अगर देख कर मूंह फेर लेते हैं वो…

तसल्ली हैं कि अभी तक शक्ल की पहचान बाकी हैं…!

मस्त विचार 695

चलता रहूँगा मै पथ पर

चलने मे माहीर बन जाऊँगा.

…..या तो मंजिल मिल जायेगी

….या मूसाफिर बन जाऊँगा.

सुविचार 789

अगर आप कुछ पाने के लिए जी रहे हैं तो उसे वक़्त पर हासिल करो, क्योंकि ज़िंदगी मौके कम और धोखे ज्यादा देती है.
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