मस्त विचार 4235

फिक्र में रहोगे तो खुद जलोगे, बेफ़िक्र रहोगे तो दुनिया जलेगी….
फ़िक्र में होने से तुम जलते हो और बेफ़िक्र होने से दुनिया..

_ अब तय तुम्हें करना है कि तुम्हारे लिए ज़्यादा सही क्या है..
_ “फ़िक्र में घुटना या बेफ़िक़्र होकर जीना.!!

सुविचार 4359

कोई हमारी गलतियां निकालता है, तो हमें खुश होना चाहिए, क्योंकि कोई तो है, जो हमें पूर्ण दोष रहित बनाने के लिए, अपना दिमाग और समय दे रहा है..
संसार की यह रीति है कि दोष कोई करता है और भुगतना किसी और को पड़ता है.

सुविचार 4357

किसी को माफ कर देना और माफी मांग लेना, एक शक्ति है जो हर किसी के पास नहीं है.

सुविचार 4356

वो हारा नहीं जो वापिस गिर कर संभलता है,

डूबा हुआ सूरज भी तो सुबह निकलता है..

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