मस्त विचार 4731
पर तुमने तो इतना भी ना पूछा कि, खामोश क्यों हो…!
पर तुमने तो इतना भी ना पूछा कि, खामोश क्यों हो…!
अन्यथा उसे न करने के हजार बहाने हैं.
उन्होंने कहा, “साल में दो ही दिन होते हैं कि कुछ नहीं किया जा सकता, _ एक को बिता हुआ कल कहा जाता है और दूसरे को आने वाला कल कहा जाता है, इसलिए आज प्यार करने, विश्वास करने और ज्यादातर जीने का सही दिन है “
जो सिर्फ अपने मतलब के लिए मेरे साथ था..
मेहनत पे मेहनत करो तो तक़दीर बन जाती है.
मैंने सुना है वो मुझ पर नज़र रखता है..!!
जिस तरह इंसान साँस छोड़ने में आनाकानी नहीं करता क्योंकि वह जानता है, एक साँस छोड़ने के बाद अगली साँस खुद-ब-खुद आएगी.
उसी तरह जीवन में भी चीज़ों को फ्री फ्लों में आने-जाने दें, उनसे चिपकाव न रखें.
कोई उसे ख़ास समझ कर अपना लेता है.
जिस जिन्दगी को जीना है …उसी से लड़ना भी है ..!!