मस्त विचार 4791
कैसे करू मै तुम्हारी यादों की गिनती !!
साँसों का भी कोई हिसाब रखता है क्या !!
साँसों का भी कोई हिसाब रखता है क्या !!
और वर्तमान मैं तटस्थ रहना जीवन की श्रेष्ठ कला है !!!
बल्कि ज्यादातर चिंता, निराशा, भय और असंतोष के कारण होती है.
आप भी कभी मुझे अपनाते तो अच्छा लगता !!
वरना मेरी उम्मीद बढ़ती ही जा रही थी..
लेकिन जब कोई अपनों से धोखा खाता है तो मौन हो जाता है.
#बस_ तू _साथ_दे_मेरा_मैं_अकेला_ही_काफी_हूँ..
उसकी गलतियाँ पकड़ते हैं.
गलतियां आपकी कोशिशों का सबूत हैं.
कर्म की शाख को भी हिलाना पड़ता है..