सुविचार 3102

स्वीकार करने की हिम्मत और सुधार करने की नीयत हो तो

इंसान बहुत कुछ कर सकता है.

सुविचार 3101

” मूल्यहीन जीवन का कोई अर्थ नहीं है, जीवन के मूल्य स्वयं ही तय करने होते हैं,”

सुविचार 3100

हर रोज़ अपने अंदर जाएं और अपने आंतरिक बल को जानें

ताकि आपके जीवन में कभी भी कोई भी अंधकार न फैला सके.

सुविचार 3099

मनुष्य अपनी निर्माण की हुई वस्तुओं पर ज्यादा ध्यान देने लगा

और प्रकृति की प्राकृतिक वस्तुओं को भूल गया.

सुविचार 3098

तकलीफ की सुरंगों से गुजरती है जब जिंदगी…

तब अपने और सगे सभी हाथ छुड़ा लेते हैं…

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