सुविचार 2829

“हमेशा अपने विचारों, शब्दों और कर्म के पूर्ण सामंजस्य का लक्ष्य रखें. हमेशा अपने विचारों को शुद्ध करने का लक्ष्य रखें और सब कुछ ठीक हो जायेगा….”

सुविचार 2827

सम्मान हमेशा समय और स्थिति का होता है,

पर इंसान इसे अपना समझ लेता है.

सुविचार 2826

जब तक आप न चाहें तब तक आपको कोई भी ईर्ष्यालु, क्रोधी, प्रतिशोधी या लालची नहीं बना सकता.

सुविचार 2825

*वक्त तो सिर्फ वक्त* *पे ही बदलता है,*

*बस इन्सान ही है*

*जो किसी भी वक्त* *बदल जाता है…*