सुविचार 4904
दिल की किताब को बारीक़ी से पढ़े बिना महज़ किताबें पढ़ते रहना किसी काम का नहीं.
कभी सब्र से, कभी बेसब्री से…
फिर देखिए आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता.
आशा के साथ आगे देखो, _ पछतावे के साथ पीछे नहीं.
ख़ुद के प्रति अपनी इस ज़िम्मेदारी में सजग एवं जागरूक रहें.
*व्यवहार में आपके शब्द जितने वजनदार होंगे, जीवन में आपका कद और पद उतना ही दमदार होगा।*