मस्त विचार 1976

किसी भी रोज़ मुझे दिल सज़ा सुना देगा,,,

में ख्वाहिशों का बहोत कत्ल-ए- आम करता हूँ..!!

Submit a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected