सुविचार 1087

हम में से न जाने कितने लोग हैं, जो रोज अपनी वर्त्तमान परिस्थिति को लेकर शिकायत करते हैं, लेकिन इसको हल करने के लिए कुछ करते नहीं हैं.
वर्त्तमान में हम जो कुछ हैं, अपने विचारों के ही कारण हैं और भविष्य में जो कुछ भी बनेंगे, वह भी इन्ही के कारण.!!

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