सुविचार – भविष्य – Future – 153

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हम भविष्य के बारे में कुछ भी नहीं जानते, हमें नहीं पता कि यह कैसा होगा..

_ जो चीजें असंभव लगती हैं, वो भविष्य में संभव हो सकती हैं.
_ दूसरा यहां तक कि अगर आप किसी ऐसी चीज के बारे में निश्चित हैं, जिसका मतलब यह नहीं है कि आप किसी चीज के लिए पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए आपको यह नहीं मिल रहा है.
_ यदि कुछ आपके लिए नहीं है तो आपके पास निश्चित रूप से चीजें अन्य तरीके से होंगी.
_ इसका मतलब यह है कि आप अलग डिजाइन किए गए हैं, बुरी तरह से नहीं..
_ एक फर्क है..
_ हर कोई और सब कुछ एक दूसरे के लिए नहीं होता है.
_ बहुत सी चीजें हैं जो कई लोगों के लिए काम करती हैं,
_ लेकिन साथ ही वे कई लोगों के लिए काम नहीं करती हैं.
_ यह किसी को अच्छा नहीं बनाता है या पर्याप्त अच्छा नहीं है.
_ इसका सीधा सा मतलब है कि, वह बात उनके लिए नहीं थी.
हम अपना पूरा जीवन भूलभुलैया में फंसे हुए बिताते हैं,

_ यह सोचते हुए कि हम एक दिन इससे निकल जायेंगे,
_ और यह तब कितना खूबसूरत होगा, और उस भविष्य की कल्पना ही हमे आगे बढ़ाती है,
_ लेकिन हम हकीकत में ऐसा कुछ कभी नहीं करते, जिससे कि उस भूलभुलैया से निकल पाएं,
_ हम सिर्फ भविष्य की कल्पना का उपयोग करते हैं वर्तमान से बचने के लिए.!!
बहुत कम इंसान ऐसे होते हैं.. जो जीवन-यात्रा में अपना पहला कदम सही रख पाएँ.

_ यह पहला कदम ही हमारे भविष्य की बुनियाद होता है.
_ यदि यात्रा के मध्य में हमें हमारे गलत कदम का अहसास हो जाए तो.. उसे सही दिशा की ओर मोड़ने में संकोच कैसा ?
_ गिनती कभी भी एक से शुरू की जा सकती है.
_ बढ़ना तो सौ की ओर ही है ना ?
_ जो गलत चल लिया, चल लिया, जब आँख खुले तभी सवेरा.!!
कुछ लोग किस्मत पर भरोसा करते हैं, कुछ भाग्य पर.. पर मेरा यक़ीन है कि आने वाला कल हमारी मेहनत और फैसलों से ही बनता है.. भविष्य लिखा नहीं जाता, उसे जी कर गढ़ा जाता है.
जीवन का हर पड़ाव एक चौराहा है, चाहे जो भी रास्ता चुना जाए, वह रास्ता अतीत से वर्तमान तक ले जाता है और भविष्य तय करता है कि रास्ते का चुनाव सही था या गलत.!!
भविष्य का धुंधलापन डराता ज़रूर है.. पर आज को थाम लो, वही कल को रोशन करने का एकमात्र सहारा है.!!
“हाथ की लकीरों में भविष्य ढूँढ़ने से बेहतर है, इन्हीं हाथों से अपना वर्तमान और भविष्य सँवारना”
जीवन का बहुत कुछ खत्म हो जाता है,
_ फिर भी भविष्य में झेलने के लिए बहुत कुछ बचा रहता है.!!
भविष्य का महल तो सब बनाना चाहते हैं,

_ पर आज की ईंट उठाने से सब कतराते हैं.!
हम अच्छे भविष्य की आकांक्षा रखते हैं और कभी भी आगे जाने का प्रयास नहीं करते.!!
भविष्य के बारे में सोचना भी ज़रूरी होता है,
_ क्योंकि हर चीज़ को केवल समय पर छोड़ देना भी शायद ठीक नहीं होता.!
हम भविष्य को लेकर इतने असहज क्यों होते हैं, और आज को जीने में टालमटोल करते रहते हैं ?

_ हम भविष्य के लिए योजनाएँ बनाते रहते हैं, अपनी आज की योजनाओं को टालते रहते हैं.
_ क्या इसके पीछे कोई न कोई कारण जरूर होता है.!!

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