सुविचार – राह, रास्ता, पथ, मार्ग, रास्ता, पगडंडी, पंथ – 257

दूसरों की राहें रोशन करो यूँ ही, तुम्हारी अपनी चमक कम नहीं होगी कभी.!!
“हम किसी को रास्ता दिखा सकते हैं.. किसी के बदले चल नहीं सकते.”
हम अक्सर मान लेते हैं कि जो रास्ता हमने नहीं चुना, शायद वही बेहतर था.

_ लेकिन अगर हम सचमुच उस रास्ते पर जाते, तो वहाँ भी कठिन फैसले होते, कुछ लोग मिलते, कुछ छूटते और कुछ नए पछतावे पैदा होते.!!
** आप किसी को रास्ता दिखा सकते हैं,

लेकिन उसकी आँखें जबरदस्ती नहीं खोल सकते.
_ हर इंसान को अपनी आँखें खुद खोलनी पड़ती हैं.
_ और शायद समझदारी यही है कि
जहाँ सामने वाला देखना नहीं चाहता,
वहाँ आप अपना समय और ऊर्जा बर्बाद न करें.!!

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