जब आप किसी को बुरा कहते हैं, तो वह उसे कष्ट पहुँचाने के लिए होता है,
_ पर बाद में वे आपको ही कष्ट पहुँचाते हैं.
जीवन ने मुझे जो दिया है उसके साथ मैं धन्य हूं.
_ सर उठा के जीता हूँ पारदर्शिता में गर्व, शिकायतें ढूँढना.
_ कई जगहों पर अपूर्णता लेकिन कोई पछतावा नहीं.
_ और शायद इस अपूर्णता में मैं खुद को बार-बार पाता हूँ.!!






