सुविचार 388

जब आप किसी को बुरा कहते हैं, तो वह उसे कष्ट पहुँचाने के लिए होता है,

_ पर बाद में वे आपको ही कष्ट पहुँचाते हैं.

जीवन ने मुझे जो दिया है उसके साथ मैं धन्य हूं.

_ सर उठा के जीता हूँ पारदर्शिता में गर्व, शिकायतें ढूँढना.

_ कई जगहों पर अपूर्णता लेकिन कोई पछतावा नहीं.

_ और शायद इस अपूर्णता में मैं खुद को बार-बार पाता हूँ.!!

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