*कभी घमंड न करना जिन्दगी में, तकदीर बदलती रहती है ।
_ शीशा वही रहता है, बस तस्वीर बदलती रहती है ।।*
तकदीर का कोई पता नहीं होता,
_ न जाने कब क्या ले जाए और कब क्या दे जाए.!!
_ न जाने कब क्या ले जाए और कब क्या दे जाए.!!
_ शीशा वही रहता है, बस तस्वीर बदलती रहती है ।।*