जिस वक्त हम कोई योजना बना रहे होते हैं, रब हमारे लिये कुछ और ही योजना बना रहा होता है.
_ माटी का पुतला पानी की एक बौछार में माटी बन जाता है.
_ केवल सपने देख कर आशावादी बनने से अच्छा है..
_ कभी यह भी सोचना की आने वाली खाई गहरी भी हो सकती है.
_ यही सोच हमें संभलने का इशारा करती है.
_ हमारे सपनों का संसार कभी भी हमारा अपना नहीं होता..
_ बन्द आंखों के साथ देखे गये इन सपनों के साथ ही कोशिश भी करनी होती है.!!






