सुविचार – सब्र – सबर – 088
| Mar 15, 2014 | सुविचार |
हताश न होना सफलता का मूल है और यही परम सुख है. उत्साह मनुष्य को कर्मों में प्रेरित करता है और उत्साह ही कर्म को सफल बनाता है.
कभी किसी का दिल ना दुखाओ, क्योंकि अगर उसने सब्र कर के _
_ रब पर छोड़ दिया तो तुम्हारे लिए कहर बन जायेगा..
सब्र का घूंट दूसरों को पिलाना कितना आसान लगता है, _
_ लेकिन जब खुद को पीना पड़ता है तब कतरा कतरा जहर लगता है..
ज़िन्दगी सब्र के अलावा कुछ भी नहीं है, _
_ मैंने हर शख्स को यहाँ, खुशियों का इंतज़ार करते देखा है !!
सब्र की एक बात बहुत अच्छी है, _
_ जब आ जाता है, __ तो किसी की तलब नही रहती..
सहने वाले को अगर सब्र आ जाए तो _
_ कहने वाले की औकात दो टके की रह जाती है.
जरूरी नही की किसी की बद्दुआएं ही आपको तबाह करे,
_ किसी का सब्र भी आपको बर्बाद कर सकता है,,
किसी के सब्र की अत्यधिक परीक्षा नहीं लेनी चाहिए,
_ कोई भी तिनका आखिरी तिनका हो सकता है.
सब्र और सहनशीलता कोई कमजोरियां नहीं होती हैं, _
_ ये तो अंदरूनी ताकत है जो केवल मजबूत लोगों में होती है.
हम इंसान बड़े अजीब हैं, कुछ ना मिले तो सब्र नहीं करते _
_ और अगर मिल जाये तो फ़िर उसकी कद्र नहीं करते.
अगर जिन्दगी में कुछ बुरा हो तो थोड़ा सब्र रखना, _
_ क्यूँकि रोने के बाद हँसने का मजा ही कुछ और होता है.
सबर कर बन्दे मुसीबत के दिन भी गुज़र जायेंगे…
_ हसी उड़ाने वालो के भी चेहरे उतर जायेंगे..
सब कुछ मिला है हमको फिर भी सबर नहीं, _
_ बरसों की सोचते हैं पल की खबर नहीं..
जब सहने वाला सब्र करना सीख जाए,
_ तब कहने वाले की अहमियत खुद-ब-खुद खत्म हो जाती है.!!
सब्र कर बन्दे ..मुसीबत के दिन गुजर जायेंगे !!
_ आज जो तुझे देख के हंसते हैं, वो कल तुझे देखते रह जायेंगे !!
गुस्सा अकेला आता हैं, मगर हमसे सारी अच्छाई ले जाता हैं !
_ सब्र भी अकेला आता हैं, मगर हमें सारी अच्छाई दे जाता हैं !!
जो सब्र के साथ इंतजार करना जानते हैं, _
_ उनके पास हर चीज़ किसी ना किसी तरीके से पहुँच जाती है.
पलकों की हद से टूट कर मेरे दामन पे आ गिरा…
_ एक आँसू मेरे सब्र की तौहीन कर गया….
वक़्त ने कहा…..काश थोड़ा और सब्र होता !!!
सब्र ने कहा….काश थोड़ा और वक़्त होता !!!
” जो तेरे पास है उसी में सबर कर, और उस की कदर कर, _
_ यहां तो आसमान के पास खुद की जमीन नहीं ”
सब्र की चादर ओढ़िए..
_बुरे वक्त के बाद ही अच्छे दिनों की रौशनी आती है.!!
सब्र की जड़ें चाहे जैसी भी हों, इसके फल सदैव मीठे होते हैं.
जो खोया है उससे भी बेहतरीन पायेंगे, _सब्र रख दिन तेरे भी आयेंगे.
जो लोग सब्र करते है… __ या तो वो जीत जाते हैं या सीख जाते हैं.
सब्र कोई कमज़ोरी नहीं होती, ये वो ताकत है, जो सब में नहीं होती !!
ज़िन्दगी में कुछ रास्ते सब्र के होते हैं और कुछ रास्ते सबक के..!!
सबर रखो, समय का न्याय सबसे सटीक होता है..
_ और उसे किसी गवाह की भी जरूरत नहीं पड़ती.!!
सब्र रखो हर चीज़ आसान होने से पहले ” मुश्किल ” होती है.
सब्र के लिए इतना काफी है कि हम इस क्षण में जीवित हैं.
” सब्र करना ” दुनिया के सामने रोने से __ बेहतर है..
मिल जाए तो शुक्र करो, _ ना मिले तो सब्र करो.
वांछित के लिए बेसब्र न होने की कला और अवांछित को दूर करने की कला यदि आप सीख लें तो आप हमेशा खुश रहेंगे.!!
समझ न आया ऐ जिंदगी तेरा ये फलसफा, _ एक तरफ कहती है _ सबर का फल मीठा होता है
_ और दूसरी तरफ कहती है वक़्त किसी का इंतजार नहीं करता…
जिंदगी को धीरे धीरे करीब से जाना तो पता चला कि जिंदगी सब्र के सिवा कुछ नहीं..
_ किसी ने किरदार पर उंगली उठाई तो सब्र, कोई बिछड़ गया तो सब्र, कोई रूठ गया तो सब्र कुछ माँगा और वो ना मिला तो सब्र..!!
जब कोई सब कुछ देखते हुए भी चुप रहे___तो उसे बार-बार इतना परेशान न करें कि वह आपके लिए नासूर बन जाए !!
_क्योंकि समय के साथ सब्र टूट जाता है !!
सबर आने तक का खेल है सब..
_ना फिर किसी से मिलने की ख़ुशी रहती है और ना किसी से बिछड़ने का गम.!!
ये ज़िंदगी एक सफ़र है,
इस सफ़र में सबर रख के चल,
जो कहना है तुझको वो कह के ही उठ,
ना दिल में ज़रा भी कसर रख के चल,
खिंचा आए ”काबा” जहाँ सर झुके,
तू सज़दे’ में इतना असर रख के चल…….