हर कोई चंदन तो नहीं कि जीवन सुगन्धित कर सके,
_ कुछ नीम के पेड़ भी होते हैं जो सुगन्धित तो नहीं करते पर काम बहुत आते हैं.
ध्यान दीजिए कि सबसे कठोर पेड़ सबसे आसानी से टूट जाते हैं,
_ जबकि बांस हवा के साथ मुड़ कर बच जाते हैं.!!
बात वस्तु की नहीं नीयत की होती है, बांस तीर भी बनता है और बांसुरी भी.!!
_ अच्छाई और बुराई हमारे कर्म पर निर्भर है, वही बांस किसी के लिए तीर बन जाता है और किसी के लिए बांसुरी.!!!



