सुविचार 4746

किसी भी व्यक्ति की सहनशीलता, एक खींचे हुए रबड़ की तरह होती है,

_ एक सीमा से ज्यादा खींचे जाने पर उसका टूटना तय है..

जब सहनशीलता की सीमाएँ टूटती हैं, तो उसका परिणाम हमेशा त्रासदी ही होता है.!

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