सुविचार 4867

जिंदगी के अंतिम पलों में …..अपने पूरे जीवन का …

एक एक कर्म, एक फिल्म…. की तरह अपनी निगाहों ….के सामने झलकेगा …..

कोशिश करें कि ….अपनी फिल्म सबके देखने लायक हो …

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