सुविचार 4929

इस संसार का प्रत्येक मनुष्य, किसी न किसी पश्चाताप में जल रहा है _

_ इस संसार का प्रत्येक मनुष्य, किसी न किसी से _ किसी न किसी रूप में _ छमा चाहता है.

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