कुछ लोग कहते हैं कि “meditation time waste है”
_ यह कहना गलत है कि “meditation time waste है”
_ meditation को “time waste” कहना समझ की कमी है,
_ जो लोग meditation की गहराई को नहीं समझते, उन्हें यह बेकार लगता है.
_ और जो लोग थोड़ी भी निरंतरता से करते हैं, वे जानते हैं कि यह मन, शरीर और जीवन — तीनों की दिशा बदल देता है.
_ यह मन को रीसेट करता है.
_ जो भीतर जमा शोर है.. उसे धीरे-धीरे शांत करता है.
_ सोच को साफ करता है, प्रतिक्रियाओं को संतुलित करता है.
_ तनाव, चिंता, बेचैनी — इनका दबाव कम करता है.
_ और सबसे बड़ा — यह इंसान को खुद से जोड़ता है, जो आज सबसे rare चीज़ है.
_ जो लोग कहते हैं कि meditation time waste है : या तो उन्होंने try ही नहीं किया होता, या 3–4 बार करके छोड़ दिया होता है, या वे अपने भीतर के शोर को सुनने से डरते हैं.
_ “Meditation समय नहीं लेता — meditaion हमें हमारे खोए हुए समय का असली मूल्य वापस देता है.”
_ कुछ लोग कहते हैं कि “meditation time waste है”
_ क्योंकि : उनको मन की थकान, बेचैनी और अव्यवस्था दिखाई नहीं देती.
_ Meditation बाहरी सफलता के लिए नहीं..- अंदर के संतुलन के लिए होता है.
_ जो अंदर शांत होता है, वही बाहर साफ़ देख पाता है.
_ Meditation समय नहीं खाता — ऊर्जा वापस देता है, clarity बढ़ाता है, और ज़िन्दगी में गलत निर्णयों से बचाता है.
_ इसलिए इसे “time waste” बोलना वैसा ही है जैसे कोई कहे —
“साँस लेना भी समय की बर्बादी है”
_ Meditation तो जीवन की ऊर्जा को सीधा रीचार्ज करता है.
_ सच तो ये है कि.. Meditation में हर सेकंड, हर सांस, हर क्षण आपके भीतर निवेश है — बिल्कुल gym, पढ़ाई और नींद की तरह.!!