कुछ ज़ख़्म हरे ही अच्छे हैं, क्योंकि वो हमें बार-बार याद दिलाते हैं कि हमने कभी गहराई से जिया था..
_ अगर हर चोट भर जाए, तो यादें भी धुंधली हो जाएँगी..
_ हरे ज़ख़्म ही तो वो निशान हैं.. जिनसे हम अपनी सच्चाई, अपने रिश्ते, और अपने एहसास पहचानते हैं….!



