आदमी अपने गलत काम का सब से अच्छा प्रायश्चित यह कर सकता है कि दूसरों को वैसा करने से आगाह कर दे.
ज़िंदगी में गलतियां होती रहती हैं, उन गलतियों को सुधारने का मौका ज़िंदगी हमें नहीं देती..
_ लेकिन प्रायश्चित का मौका ज़रूर देती है.
_ लेकिन प्रायश्चित का मौका ज़रूर देती है.




