सुविचार 4834

ज़िद, गुस्सा, गलती, लालच और अपमान खर्राटों की तरह होते हैं,

जो दूसरा करे, तो चुभते हैं, परन्तु स्वयं करें तो एहसास तक नहीं होता..

सुविचार 4832

चर्चा और निंदा ..यह केवल सफल व्यक्ति के ही भाग्य में होती है…

इसलिए सफर जारी रखिए..!!

सुविचार 4831

“जिंदगी का मेरा सूत्र बहुत ही सरल है, मैं सुबह जागता हूं तथा रात को सो जाता हूं.

इसके बीच में मैं जितना हो सके स्वयं को व्यस्त रखता हूं.”

सुविचार 4830

“लक्ष्य तय किये बिना जिंदगी गुज़ारना ही कोरा भटकाव है,

यही परेशानीयों की खास वज़ह भी है “

सुविचार 4829

” सिर्फ और सिर्फ, अपनी सोच पर नज़र डालो,

सोच शुभ है तो, शुभता -फलित होती है, यही असली बात है,”

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