सुविचार 5057
जहां इज्जत और सम्मान नहीं, वहां रिश्ता रखना खुद के अस्तित्व के साथ अन्याय है,
_ऐसी भीड़ का हिस्सा बनने से बेहतर है अकेला रहना.!!
_ऐसी भीड़ का हिस्सा बनने से बेहतर है अकेला रहना.!!
_ जिन्हें हमारे दर्द का एहसास ही नहीं होता.!!
_ जब ज्ञान और चेतना की बात आती है, तो सब बिखर जाते हैं ताकि उन्हें अपना दिमाग इस्तेमाल न करना पड़े और ज़हमत न उठानी पड़े.!!