सुविचार 5057

जहां इज्जत और सम्मान नहीं, वहां रिश्ता रखना खुद के अस्तित्व के साथ अन्याय है,

_ऐसी भीड़ का हिस्सा बनने से बेहतर है अकेला रहना.!!

सुविचार 5056

किस्मत को कोसने से कुछ नहीं होगा, अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करें.!

सुविचार 5055

दिल दुखता है जब हम शिकायत उन लोगों से करते हैं,

_ जिन्हें हमारे दर्द का एहसास ही नहीं होता.!!

सुविचार 5054

जिस तरह एक दीपक पूरे घर का अंधेरा दूर कर देता है, उसी तरह एक योग्य संतान सारे कुल का दरिद्र दूर कर देता है.

सुविचार 5052

मूर्खतापूर्ण और बेतुकी बातों की भीड़ उमड़ पड़ी है, लोग फूहड़ता का आनंद लेने लगे हैं.

_ जब ज्ञान और चेतना की बात आती है, तो सब बिखर जाते हैं ताकि उन्हें अपना दिमाग इस्तेमाल न करना पड़े और ज़हमत न उठानी पड़े.!!

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