सुविचार 4907

सीख कभी भी किसी से भी मिल सकती है. जिससे सीख मिल रही है _ वह बेजान वस्तु है या कोइ भी प्राणी, वह बच्चा है या बुजुर्ग, वह ज्ञानी है या अज्ञानी, कोई फर्क नहीं पड्ता. जिसमें सीखने की प्रवृति है _ वो युवा ही हो सकता है…

सुविचार 4905

खुद की अहमियत समझो _ हर वक्त खुले नज़र से दुनिया देखो _ यहां सम्भल गए तो जीवन सही रहेगा.

सुविचार 4904

दिल की किताब को बारीक़ी से पढ़े बिना महज़ किताबें पढ़ते रहना किसी काम का नहीं.

सुविचार 4903

खुश रहने का प्रयत्न करें, क्योंकि प्रसन्नता आपके रवैये पर निर्भर करती है !

सुविचार 4902

महान लोगों से सीखिए, उनके बारे में पढ़िए, उनके मार्गदर्शन का पालन कीजिए,

फिर देखिए आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता.

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