सुविचार 4878

” हम क्या मानकर चलें “

‘ हरेक को अपना दृष्टिकोण रखने का हक है ‘,

यह मानकर चलनेवाले लोग कभी अकेले नहीं चलते.

सुविचार 4877

अब तक की सबसे बड़ी खोज यह है कि

व्यक्ति महज़ अपना दृष्टिकोण बदल कर अपना भविष्य बदल सकता है.

सुविचार 4875

एक बार निर्णय पर पहुंच कर क्रियान्वयन की अवस्था में परिणाम की जिम्मेदारी

और उस की चिंता को ताक पर रख देना चाहिए.

सुविचार 4874

धन्यवाद में खोता कुछ नहीं है, मिलता बहुत है

और शिकायत में मिलता कुछ नहीं, खोता बहुत है;

सुविचार 4873

जब आपकी उपयोगिता बढ़ेगी तो आपकी अहमियत भी बढ़ जाएगी..

इसलिए अधिक न सोचें…केवल संघर्ष पथ पर चलते रहें..मुकाम नजदीक है..!!!

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