सुविचार 4878
” हम क्या मानकर चलें “
‘ हरेक को अपना दृष्टिकोण रखने का हक है ‘,
यह मानकर चलनेवाले लोग कभी अकेले नहीं चलते.
‘ हरेक को अपना दृष्टिकोण रखने का हक है ‘,
यह मानकर चलनेवाले लोग कभी अकेले नहीं चलते.
व्यक्ति महज़ अपना दृष्टिकोण बदल कर अपना भविष्य बदल सकता है.
और उस की चिंता को ताक पर रख देना चाहिए.
और शिकायत में मिलता कुछ नहीं, खोता बहुत है;
इसलिए अधिक न सोचें…केवल संघर्ष पथ पर चलते रहें..मुकाम नजदीक है..!!!