सुविचार 5027
सिर्फ़ एक विचार काफी है, जिंदगी को बदलने के लिए..!!
_वरना ये सिर्फ़ खुद को धोखा देने जैसा है.!!
_ अपनी पहचान बनाने के लिए खुद धूप सहनी पड़ती है.!!
_ न जाने क्यों कदम अपने आप रुक जाते हैं, और भीतर कहीं से एक सवाल उभर आता है.. आख़िर जाना कहाँ है ?
_ क्या कोई निश्चित मंज़िल है, या ये रास्ते ही मंज़िल बन जाते हैं ?
_ ज़िंदगी भी तो एक अनवरत यात्रा है, जहाँ हर ठहराव हमें सोचने पर मजबूर करता है .. कि हम जिस ओर बढ़ रहे हैं, वह सच में हमारा होना चाहिए या नहीं..
_ शायद पहुँच जाना कहीं दूर नहीं, बल्कि सही दिशा में बढ़ते रहना ही असली पहुँच है.!!