सुविचार 4930

सलाह हारे हुए की, तजुर्बा जीते हुए का और दिमाग खुद का,

इंसान को जिंदगी में कभी हारने नहीं देता.

सुविचार 4929

इस संसार का प्रत्येक मनुष्य, किसी न किसी पश्चाताप में जल रहा है _

_ इस संसार का प्रत्येक मनुष्य, किसी न किसी से _ किसी न किसी रूप में _ छमा चाहता है.

सुविचार 4928

बाद में पछतावा करने से अच्छा है, एक बार और _ जी जान लगाकर _ कोशिश कर ली जाए.

सुविचार 4927

गंभीरता का गुण धारण कर लो, तो व्यर्थ टकराव से बच जाएंगे.
“इंसान को सबसे ज़्यादा वही अच्छा लगता है, जिससे कुछ देर के लिए उसका मन हल्का हो जाए”

सुविचार 4926

तुम किसी और के खुश होने से खुश या खामोशी से चुभन लेते हो तो _ तुम सिर्फ गुलाम हो_ एक कठपुतली हो _ जैसे सामना वाला नचाए..

खुद के मालिक बनो_ स्वतंत्रता क्या होती है_ इसे जियो और जीने दो.

” यदि अपनी खुशी के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हो, _ तो आप एक गुलाम हो “.

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