सुविचार 5020
_ कोई भी आपके लिए ज़्यादा देर तक कुछ नहीं करना चाहता,
_ वो आपको कुछ करने का सुझाव दे सकता है, लेकिन आपको सब अकेले ही करना होगा.
_ यही इस दुनिया की त्रासदी है.. कोई भी आपको बचाने नहीं आ रहा है.!!
_ कोई भी आपके लिए ज़्यादा देर तक कुछ नहीं करना चाहता,
_ वो आपको कुछ करने का सुझाव दे सकता है, लेकिन आपको सब अकेले ही करना होगा.
_ यही इस दुनिया की त्रासदी है.. कोई भी आपको बचाने नहीं आ रहा है.!!
_ लेकिन सच तो यह है कि.. हमने सही लोगों के लिए कोशिश ही नहीं की.
_ वे हमारे सामने थे और हमने कुछ नहीं किया, क्योंकि वे उबाऊ लगते हैं..
_ सही लोग हमेशा अच्छे और उबाऊ होते हैं और उन्हें कौन चाहेगा ? कोई नहीं..
_ क्योंकि वे उबाऊ लगते हैं.!!
_ दूसरा कोना भरता है तो तीसरा कोना खाली हो जाता है.
_ तीसरा भरता है तो चौथा… मन में अनेक कोने होते हैं जो सारे कभी नहीं भरते.
_ एक न एक कोना हमेशा खाली रहता है.!!
_ माटी का पुतला पानी की एक बौछार में माटी बन जाता है.
_ केवल सपने देख कर आशावादी बनने से अच्छा है..
_ कभी यह भी सोचना की आने वाली खाई गहरी भी हो सकती है.
_ यही सोच हमें संभलने का इशारा करती है.
_ हमारे सपनों का संसार कभी भी हमारा अपना नहीं होता..
_ बन्द आंखों के साथ देखे गये इन सपनों के साथ ही कोशिश भी करनी होती है.!!
_ ऐसे काम करना बहुत ज़रूरी है.. जिनसे सुकून और शांति मिले.!!