सुविचार 4887

यदि किसी कहानी को पढ़ने से पहले ही कोई जान जाए, कि कहानी का अंत क्या है… तो कहानी पढ़ने की इच्छा या तो आधी रह जाती है…. या ख़त्म हो जाती है…

यदि तुम सचमुच जीवन का आनंद लेना चाहते हो… तो जीवन को रहस्यमय बना रहने दो..

सुविचार 4886

*”भलाई करना”* *कर्तव्य नहीं.. आनंद है*,

*क्योंकि यह…* *आपके स्वास्थ्य और* *सुख में वृद्धि करता है*

सुविचार 4883

जीवन में केवल दो ही वास्तविक धन है ; ” समय और सांसे ” और दोनों ही निश्चित और असीमित है, समझदारी से खर्च करें.
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