सुविचार 2952

” चलना आ जाए बड़ी बात नहीं,

किधर चलना है, ये समझना़ बहुत जरूरी है,”

सुविचार 2951

झूठ को अच्छे लहजे की ज़रूरत है,

सच तो हर लहजे में कड़वा ही होता है.

सुविचार 2950

घोड़ा प्रथम वही आता है, जिसका सवार अच्छा हो.

परिवार आगे वही बढ़ता है, जहाँ मुखिया समझदार हो.

सुविचार 2948

नहीं खायीं ठोकरें सफर में तो मंजिल की अहमियत कैसे जानोगे,

अगर नहीं टकराये गलत से तो सही को कैसे पहचानोगे.

सुविचार 2947

जब तक आपका सामना आपकी सबसे बड़ी कमजोरी से नहीं हो जाता,

तब तक आपको अपनी सबसे बड़ी ताकत के बारे में पता नहीं चलता..

error: Content is protected