सुविचार 4278

“क्रिया की प्रतिक्रिया यही सृष्टि का नियम है,

सोच भी एक क्रिया है, सही सोच के सही नतीजे़ आते हैं, और गलत के गलत”

सुविचार 4275

” समस्याऐं हैं तो, समाधान भी है,

तलाशोगे तो जरूर मिलेगा, जिन खोजा तिन पाईयाँ “

सुविचार 4274

ईमानदार आदमी कभी खुदगर्ज नहीं होता, और बेईमान किसीका सगा नहीं होता ; स्वयं का भी नहीं.
जितना हम पढ़े लिखे हुए हैं, दरअसल हम उतने ही बेईमान बने हैं, _

_ गहराई से सोचें तो ये बात सही लगती है कि पढ़े लिखे लोग हर चीज को मुनाफे से तौलते हैं, _
_ ये बात समाज को तोड़ रही है, शिछा मतलब ये नहीं कि इंसानियत को ही भूल जायें !!
दूसरे की तकलीफ़ समझना ताक़त की नहीं, इंसानियत की निशानी है.. और यह गुण हर किसी में नहीं होता.!!
होते हैं कुछ लोग, जो स्वयं की परवाह न करके उन लोगों के बारे में कुछ करने का सोचते हैं, जिनसे उनका कोई रिश्ता नहीं होता.
_ ऐसे ही लोगों के बल पर इंसानियत टिकी हुई है.!!
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