तुम किसी और के खुश होने से खुश या खामोशी से चुभन लेते हो तो _ तुम सिर्फ गुलाम हो_ एक कठपुतली हो _ जैसे सामना वाला नचाए..
खुद के मालिक बनो_ स्वतंत्रता क्या होती है_ इसे जियो और जीने दो.
” यदि अपनी खुशी के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हो, _ तो आप एक गुलाम हो “.




