सुविचार 4178

आपके पास जो उच्चतम चीज़ें हैं, उनका कुछ अंश दूसरों को देना शुरू करें..

_ ताकि आपके जीवन में उच्चतम चीज़ों का बहाव चलता रहे..

सुविचार 4177

आतंरिक स्पष्टता और स्थिरता पाने के लिए अपने विचारों का नियमन करें.

सुविचार 4176

खुद को माचिस की तिली की तरह मत बनाओ, जो थोड़े से घर्षण से सुलग जाती है,

_ बनाना है तो खुद को शांत सरोवर की तरह बनाओ,

_ जिसमें अगर कोई अंगारा भी फेंके तो वो भी बुझ जाए.

सुविचार 4175

जिंदगी में चुनौतियां हर किसी के हिस्से में नही आती,

_ क्योंकि किस्मत भी किस्मत वालों को ही आजमाती है.

ये सच है कि कई बार तमाम योग्यताओं के बावजूद आदमी मंजिल तक नहीं पहुंच पाता है, और इसी को किस्मत कहते हैं.

सुविचार 4174

जिस समय हम किसी का अपमान करते है,

_ उसी समय हम अपना सम्मान भी खो देते हैं.

आप को यह पता होना चाहिए कि लोग केवल प्यार और सम्मान चाहते हैं.

_ आप जब उन्हें यह देंगे, तो वे भी आपके प्रति सम्मान और प्रेम रखेंगे.

सम्मान का भाव उन्हीं के प्रति रखिए जो आपके मन की भावनाओं को समझते हैं,

_ जो आपकी बातों को सिर्फ सुनते नहीं.. बल्कि उनके पीछे छिपे भाव को महसूस करते हैं.
_ जहाँ आपको बार-बार खुद को साबित न करना पड़े, जहाँ आपकी चुप्पी भी असम्मान न बने.!!

सुविचार 4173

अच्छा काम करते रहो चाहे कोई सम्मान करे या न करे

_ क्योंकि सूर्योदय तब भी होता है जब करोड़ों लोग सोए रहते हैं.

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