सुविचार 4080

खुद की जानी और अनुभूत सच्चाई ही, पुख्ता और खरी होती है,

_ दूसरे द्वारा प्रमाणित सच्चाई में, खोट का खतरा खड़ा रहता है “

हर इंसान के लिए कोई मायने नहीं रखता कि आप कितने अच्छे हो,

_ क्योंकि वह आपकी अच्छाई में भी खोट निकाल ही देगा.

लोगों द्वारा आपको नापसंद करना, आपकी कमी ही नहीं दर्शाता है..

_ बल्कि कभी-कभी आपकी अच्छाई भी वजह बन जाती है इस नापसंदगी की..!!

अच्छाई करने की हमनें एक ही बुराई पाई कि आप किसी का भला करें तो आप ज़िंदगी भर करते रहें..

_ क्योंकि हज़ार बार भी भला किया और एक बार न कर पाये तो..
_ लोग हज़ार बार का भूल एक बार न करने की गालियाँ देने ज़रूर आ जाएँगे ..!!
_इसलिए न काहू से दोस्ती न काहू से बैर..
_ अपना काम करते रहो..
_ उन्हें अपना काम करने दो.
_ क्योंकि जिसको जो करना है वो वही करेगा..

सुविचार 4079

आदमी जो होता नहीं है, _उसे दिखाने का प्रयास ही, असहज़ता है.
आदमी वही नहीं होता, जो वो दिखलाता है, बताता है.

_ आदमी वो होता है, जो नहीं दिखलाता, नहीं बताता.

बिना अपना पता जाने ..लोगों का पता ढूंढने निकले मुसाफिर ..कभी मंजिल तक नहीं पहुंच पाते..

_ फिर यात्रा निरर्थक और बेमंजिल रह जाती है.

सुविचार 4078

अपनी नजर हमेशा उस चीज पर रखो _जिसे आप पाना चाहते हो,

उस पर नहीं ; जिसे आप खो चुके हो..

सुविचार 4077

” सारी सृष्टि में आपके लिए, _आपसे ज्यादा कीमती और महत्वपूर्ण _दूसरा कुछ नहीं होता, _ कभी अपना सौदा सस्ते में मत कर बैठना “

सुविचार 4076

“दोहरा चरित्र आदमी की स्वभाविकता को नष्ट कर देता है,

और अस्वभाविकता सारा जीवन नष्ट कर देती है”

किसी का असली चरित्र तब बाहर आता है..

_ जब उसे वो नहीं मिलता जो वो आपसे चाहता था .!!

सुविचार 4075

” छोटे छोटे लालच हमेशा बड़े लाभों से चूक जाया करते हैं,

और बड़े लालच यथासंभव जीवन से,”

इंसान के मन में पहले लोभ आता है..

_ फिर वो जरूरत की मानसिकता में तब्दील हो जाता है.!!

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