सुविचार 4147
सिवाय हमारे विचारों के हमें कोई और नहीं बांधता.
_ सिवाय हमारे डर के हमें कोई और नहीं रोकता, सब कुछ हमारे अंदर ही है..
_ सिवाय हमारे डर के हमें कोई और नहीं रोकता, सब कुछ हमारे अंदर ही है..
_ दूसरे लोग आपके नियंत्रण से बाहर होते हैं..
_ कभी-कभी हम जरुरत होते हैं ज़रूरी नहीं.!!
_ लगता है अभी समय है हमारे पास, कुछ न कुछ हो ही जाएगा, खैर !…
_ बहुत सुखद होती है ये काल्पनिकता पर वास्तविकता के सामने इसको घुटने टेकने ही पड़ेंगे…
_ और परवाह करने वाला इंसान आपका ह्रदय खोल देता है.
_ऐसे लोगों से दिल का लगाना ठीक नहीं है.!
_ जो नहीं दिखना चाहिए, वो दिख रहा है..!!