सुविचार 4918
डर, गुस्सा, नाराज़गी और तनाव ऐसे ज़हर हैं जो आप खुद पैदा करते हैं. _ अगर आप इसे
अपने हाथ ले लें,_ तो आप अपने भीतर आनंद का रसायन पैदा कर सकते हैं.
अपने हाथ ले लें,_ तो आप अपने भीतर आनंद का रसायन पैदा कर सकते हैं.
और वर्तमान मैं तटस्थ रहना जीवन की श्रेष्ठ कला है !!!
बल्कि ज्यादातर चिंता, निराशा, भय और असंतोष के कारण होती है.
लेकिन जब कोई अपनों से धोखा खाता है तो मौन हो जाता है.
उसकी गलतियाँ पकड़ते हैं.