सुविचार 3867

जिन चार लोगों में बैठ कर आप दूसरों की बुराई करते हैं,

_ यकीन मानिए आपके जाते ही वहां पर आपकी बुराई शुरू हो जाएगी.

सुविचार 3866

वर्त्तमान में जीना ही वास्तव में जीवन जीने की कला है,

_ इसी के द्वारा जीवन का सर्वांगीण विकास सम्भव होता है.

सुविचार 3865

व्यक्तिगत स्वाधीनता यहाँ तक ही होनी चाहिए कि,

वह दूसरों के लिए परेशानी न बने.

सुविचार 3864

जिनके मन के “भाव” सच्चे होते हैं, _उनके हर “काम” अच्छे होते हैं.

हमेशा अपने प्रति सच्चे रहें, क्योंकि ऐसे बहुत कम लोग होते हैं जो आपके प्रति हमेशा सच्चे रहेंगे.

Always stay true to yourself, because there are very few people who will always be true to you.

सुविचार 3863

एक बेहतरीन ज़िन्दगी जीने के लिए यह स्वीकार करना जरुरी है.

कि जो कुछ भी हमारे पास है, वो ही सबसे अच्छा है..

सुविचार 3862

सौभाग्य से जो प्राप्त होता है, उसे सात पीढ़ी भोगती है ;

जो छीनकर हासिल किया जाता है, उसे सात पीढ़ी भुगतती है.

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